Delhi: भगवान बुद्ध के सबसे करीबी शिष्यों, अरहंत सारिपुत्त और अरहंत महा मोगालना के पवित्र अवशेष अब नई दिल्ली के National Museum में रखे गए हैं। ये अवशेष भोपाल के सांची स्तूप से लाए गए हैं और मंगोलिया जाने से पहले कुछ समय
Delhi: भगवान बुद्ध के सबसे करीबी शिष्यों, अरहंत सारिपुत्त और अरहंत महा मोगालना के पवित्र अवशेष अब नई दिल्ली के National Museum में रखे गए हैं। ये अवशेष भोपाल के सांची स्तूप से लाए गए हैं और मंगोलिया जाने से पहले कुछ समय के लिए दिल्ली में प्रदर्शित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर इन अवशेषों को मंगोलिया भेजा जा रहा है ताकि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्ते और मजबूत हों।
अवशेषों के दर्शन और मंगोलिया यात्रा का पूरा शेड्यूल क्या है?
इन पवित्र अवशेषों को भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से पूरे राजकीय सम्मान के साथ दिल्ली लाया गया। 29 मई 2026 को इन्हें National Museum में आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद 30 मई को भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) का एक विशेष विमान इन्हें मंगोलिया ले जाएगा। मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में 31 मई से दर्शन शुरू होंगे और 1 जून से 10 जून 2026 तक वहां इनका विशेष प्रदर्शन चलेगा।
इन अवशेषों का इतिहास और महत्व क्या है?
Mahabodhi Society of Sri Lanka, Sanchi center के एडिटर-इन-चीफ शकील सिद्दीकी ने बताया कि सारिपुत्त और महा मोगालना एक ही दिन पैदा हुए थे। इन दोनों ने सांसारिक मोह त्याग कर 40 साल तक गौतम बुद्ध की सेवा की। बुद्ध ने उनके अवशेषों के लिए वैशाली में एक स्तूप बनवाया था, जिसे बाद में सम्राट अशोक ने सांची में स्थानांतरित कर दिया था।
मंगोलिया यात्रा से क्या उम्मीद है?
यह सांची से दूसरी अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी है, इससे पहले 2024 में अवशेष थाईलैंड भेजे गए थे। उम्मीद है कि मंगोलिया में 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु और पर्यटक इन अवशेषों के दर्शन करेंगे। इस आयोजन का मकसद नई पीढ़ी को करुणा और आंतरिक शांति जैसे मूल्यों से जोड़ना है, जैसा कि 2022 में बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी के दौरान देखा गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
National Museum दिल्ली में अवशेषों के दर्शन कब से शुरू होंगे?
भगवान बुद्ध के शिष्यों के पवित्र अवशेषों का सार्वजनिक दर्शन 29 मई 2026 से National Museum, नई दिल्ली में शुरू होगा।
ये पवित्र अवशेष मंगोलिया कब पहुंचेंगे और वहां कितने दिन रहेंगे?
भारतीय वायुसेना 30 मई 2026 को इन्हें मंगोलिया ले जाएगी। वहां 1 जून से 10 जून 2026 तक इनकी प्रदर्शनी लगाई जाएगी।