BPSC TRE-3 पेपर लीक मामला: जहानाबाद का डॉक्टर मनीष गिरफ्तार, संजीव मुखिया के बेटे के साथ था कनेक्शन
Bihar: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) में पेपर लीक करने के आरोप में इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच टीम ने जहानाबाद जिले के रहने वाले डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया
Bihar: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) में पेपर लीक करने के आरोप में इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच टीम ने जहानाबाद जिले के रहने वाले डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। डॉ. मनीष एक एमबीबीएस डॉक्टर हैं और इस खेल में उनकी भूमिका काफी अहम बताई जा रही है।
जांच में पता चला है कि डॉ. मनीष का संबंध पेपर लीक सिंडिकेट के मास्टरमाइंड संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया के बेटे डॉ. शिव कुमार से था। ये दोनों बैचमेट रहे हैं और काफी करीबी दोस्त थे। डॉ. शिव कुमार पहले ही इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं और फिलहाल जेल में हैं। EOU अब डॉ. मनीष की पूरी कुंडली खंगाल रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
EOU के मुताबिक, डॉ. मनीष ने उम्मीदवारों से पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर करीब 1.2 करोड़ रुपये वसूले थे। उन्होंने हर उम्मीदवार से 50 हजार रुपये लेने का वादा किया था। आरोप है कि 15 मार्च 2024 को परीक्षा से दो-तीन दिन पहले उन्होंने लगभग 30 उम्मीदवारों को पटना से हजारीबाग (झारखंड) के एक होटल में ले जाने के लिए गाड़ी का इंतजाम किया था, जहां उन्हें लीक हुआ प्रश्न पत्र दिया गया।
डॉ. मनीष ने पूछताछ के दौरान अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है। उन्होंने 2021 में NMCH से अपनी डिग्री पूरी की थी और पहले कैमूर में सरकारी डॉक्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। इस गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में कुल गिरफ्तार लोगों की संख्या 296 हो गई है। EOU के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि संजीव मुखिया पहले ही सात पेपर लीक मामलों में हिरासत में हैं और जांच जारी है।
इस मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 120(B) और 34 के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66 और बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 की धारा 3 और 10 के तहत मामला दर्ज किया है।