Mumbai में चकरोप तालाब के अतिक्रमण पर बॉम्बे हाई कोर्ट सख्त, जिला कलेक्टर के ट्रांसफर की चेतावनी
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के कांदिवली (पश्चिम) स्थित प्राकृतिक चकरोप तालाब की हालत देखकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने तालाब की स्थिति को बहुत खराब बताया और जिला कलेक्टर को चेतावनी दी कि अगर अतिक्रमण
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के कांदिवली (पश्चिम) स्थित प्राकृतिक चकरोप तालाब की हालत देखकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने तालाब की स्थिति को बहुत खराब बताया और जिला कलेक्टर को चेतावनी दी कि अगर अतिक्रमण हटाने और तालाब के सौंदर्यीकरण पर ठोस फैसले नहीं लिए गए, तो उनके ट्रांसफर की सिफारिश की जाएगी।
एक्टिंग चीफ जस्टिस रविंद्र वी घुगे और जस्टिस गौतम ए अंखाड की बेंच ने मुंबई उपनगरीय जिला कलेक्टर को फटकार लगाई क्योंकि वे कोर्ट के पुराने आदेशों का पालन नहीं कर रहे थे। कोर्ट ने साफ कहा कि जिला कलेक्टर तुरंत अतिक्रमण हटाए और Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) तालाब से सारा कचरा साफ करे। इस मामले में कोर्ट ने कलेक्टर से लिखित जवाब भी मांगा है।
हालांकि, 11 अगस्त 2026 को दोपहर के बाद हुई सुनवाई में कोर्ट ने पाया कि BMC ने काफी अच्छा काम किया है। कोर्ट ने कहा कि BMC की कोशिशों से तालाब में काफी सुधार हुआ है और लगभग 75% हिस्सा साफ हो चुका है। कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि मैंग्रोव को बचाने और तालाब को दोबारा ठीक करने के लिए सबसे पहले अतिक्रमण हटाना जरूरी है।
यह पूरा मामला 2018 में Bombay Environment Action Group (BEAG) द्वारा दायर एक जनहित याचिका से जुड़ा है। हाई कोर्ट के 2018 के आदेश के मुताबिक, मैंग्रोव और उसके 50 मीटर के बफर जोन में बिना कोर्ट की अनुमति के कोई भी गैर-वन गतिविधि नहीं की जा सकती। अब इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को होगी।