Mumbai में कचरा फेंकने वालों की अब खैर नहीं, Bombay High Court ने कहा- दोषियों पर करें ‘बेरहम’ कार्रवाई

Maharashtra: मुंबई की सड़कों, बीच और सार्वजनिक जगहों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ अब सख्त एक्शन लिया जाएगा। Bombay High Court ने शहर की गंदगी पर गहरी नाराजगी जताते हुए प्रशासन को दोषियों के खिलाफ ‘ruthless’

Maharashtra: मुंबई की सड़कों, बीच और सार्वजनिक जगहों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ अब सख्त एक्शन लिया जाएगा। Bombay High Court ने शहर की गंदगी पर गहरी नाराजगी जताते हुए प्रशासन को दोषियों के खिलाफ ‘ruthless’ यानी बेरहम कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सवाल उठाया है कि क्या हम एक सभ्य समाज में रह रहे हैं, जहां दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों को दक्षिण मुंबई के हेरिटेज इलाकों में कचरे की बदबू के कारण अपनी नाक ढकनी पड़ती है।

कोर्ट ने पाया कि लोग विदेश में तो सफाई के नियमों का पालन करते हैं, लेकिन अपने ही देश में गंदगी फैलाते हैं। जस्टिस G. S. Kulkarni और जस्टिस Aarti Sathe की बेंच ने कहा कि कोई भी नागरिक मुंबई की सड़कों पर कचरा फेंकने के लिए स्वतंत्र नहीं है। इसके लिए CCTV कैमरों का इस्तेमाल कर लोगों की पहचान करने और उन पर भारी जुर्माना लगाने को कहा गया है। साथ ही, बार-बार कचरा फेंकने वाले नागरिकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।

अदालत ने Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) को चेतावनी दी है कि वार्ड ऑफिसर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। अब वार्ड अधिकारियों के काम का सीधा असर उनकी Annual Confidential Reports (ACR) पर पड़ेगा। कोर्ट ने BMC कमिश्नर Ashwini Bhide को निर्देश दिया है कि वह सभी वार्ड ऑफिसर्स को सख्त हिदायत दें ताकि सड़कें और सार्वजनिक स्थान साफ रहें। यह सख्ती पुणे के मोशी में 8 जुलाई 2026 को हुए लैंडफिल हादसे के बाद और बढ़ गई है, जिसमें नौ लोगों की जान चली गई थी।

प्रशासन को दिए गए अन्य मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:

  • खुले नालों को बंद कर उन्हें पाइप वाले ड्रेन में बदला जाए ताकि प्लास्टिक कचरा समुद्र में न पहुंचे।
  • नालों और समुद्र के मिलन स्थल पर जाली लगाई जाए।
  • Kanjurmarg वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट से आने वाली बदबू को रोकने के लिए 15 दिनों के भीतर MPCB को रिपोर्ट सौंपी जाए।
  • थूकने वालों पर जुर्माना बढ़ाया जाए और ठोस कचरा प्रबंधन नियमों को सख्ती से लागू किया जाए।

BMC ने कोर्ट को बताया है कि ‘Solid Waste (Management & Handling) Cleanliness and Sanitation Bye-Laws 2025’ लागू कर दिए गए हैं। कोर्ट ने साफ किया है कि चाहे अधिसूचित झुग्गी बस्तियां हों या पॉश इलाके, स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।