Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट के लिए एक बड़ी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने सोमवार को कोर्ट के 6 एडिशनल जजों को स्थायी (Permanent) जज बनाने की मंजूरी दे दी है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत की अध्यक्षता
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट के लिए एक बड़ी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने सोमवार को कोर्ट के 6 एडिशनल जजों को स्थायी (Permanent) जज बनाने की मंजूरी दे दी है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के बाद अब इन जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कौन-कौन से जज बने स्थायी?
कॉलेजियम ने जिन 6 जजों को स्थायी करने की सिफारिश की है, उनके नाम नीचे दिए गए हैं:
- Justice Nivedita Prakash Mehta
- Justice Prafulla Surendrakumar Khubalkar
- Justice Ashwin Damodar Bhobe
- Justice Rohit Wasudeo Joshi
- Justice Advait Mahendra Sethna
- Justice Pravin Sheshrao Patil
इनमें से जस्टिस निवेदिता मेहता, प्रफुल्ल खुबल्कर, अश्विन भोबे, रोहित जोशी और अद्वैत सेठना अक्टूबर 2024 में एडिशनल जज बने थे। वहीं, जस्टिस प्रवीन पाटिल की नियुक्ति जनवरी 2025 में हुई थी।
नियुक्ति की प्रक्रिया और कोर्ट की स्थिति
संविधान के आर्टिकल 217(1) के तहत राष्ट्रपति भारत के हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति करते हैं। कॉलेजियम ने इन जजों के काम, केस निपटाने की रफ्तार और कोर्ट में उनकी उपस्थिति जैसे आंकड़ों की जांच के बाद यह फैसला लिया है। अब यह प्रस्ताव केंद्रीय कानून मंत्रालय को भेजा जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रपति औपचारिक नियुक्ति पत्र जारी करेंगे।
बॉम्बे हाई कोर्ट में जजों की कुल स्वीकृत संख्या 94 है, लेकिन फिलहाल यहाँ केवल 78 जज हैं। इस वजह से 16 पद खाली हैं। इन 6 जजों के स्थायी होने के बाद कोर्ट में स्थायी जजों की संख्या बढ़कर 58 हो जाएगी, जिससे आम लोगों के केसों का निपटारा तेजी से होने में मदद मिलेगी।
अन्य महत्वपूर्ण अपडेट
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बॉम्बे हाई कोर्ट के साथ-साथ मद्रास हाई कोर्ट के लिए भी एक बड़ा फैसला लिया है। कॉलेजियम ने मद्रास हाई कोर्ट में जज के तौर पर 19 वकीलों और न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बॉम्बे हाई कोर्ट में जजों की वर्तमान स्थिति क्या है?
बॉम्बे हाई कोर्ट में कुल 94 जजों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से वर्तमान में 78 जज कार्यरत हैं और 16 पद खाली हैं।
जजों की स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया क्या होती है?
सबसे पहले कॉलेजियम जजों के प्रदर्शन और आंकड़ों की समीक्षा करता है। इसके बाद सिफारिश कानून मंत्रालय को भेजी जाती है और अंत में राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति पत्र जारी किया जाता है।