Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एयर इंडिया के पायलट जीतेंद्र कृष्णा वर्मा का पायलट लाइसेंस बहाल कर दिया है। कोर्ट ने DGCA द्वारा 2011 में लगाए गए निलंबन को गैरकानूनी और गलत ठहराया। 61 साल के जीतेंद्र ने पिछले 15 सालों म
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एयर इंडिया के पायलट जीतेंद्र कृष्णा वर्मा का पायलट लाइसेंस बहाल कर दिया है। कोर्ट ने DGCA द्वारा 2011 में लगाए गए निलंबन को गैरकानूनी और गलत ठहराया। 61 साल के जीतेंद्र ने पिछले 15 सालों में अपनी नौकरी, शादी और बच्चों का साथ खो दिया था, लेकिन अब उन्हें अपनी गरिमा वापस मिली है।
पायलट का लाइसेंस क्यों किया गया था सस्पेंड
मार्च 2011 में DGCA ने जीतेंद्र कृष्णा वर्मा का ATPL लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिए यह लाइसेंस हासिल किया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR भी दर्ज की थी। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि 15 साल बीत जाने के बाद भी उनके खिलाफ कोई चार्जशीट दाखिल नहीं हुई और न ही वह कथित फर्जी मार्कशीट पेश की गई जिसका जिक्र किया गया था।
कोर्ट ने DGCA की किन गलतियों को पकड़ा
जस्टिस मनीष पिताले और जस्टिस श्रीराम शिरसाट की बेंच ने कहा कि DGCA ने ‘प्राकृतिक न्याय’ के नियमों का उल्लंघन किया। एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के नियम 39A के मुताबिक, किसी का लाइसेंस सस्पेंड करने से पहले उसे अपनी बात रखने का मौका देना जरूरी था, जो जीतेंद्र को नहीं दिया गया। कोर्ट ने साफ किया कि जनहित के नाम पर कानूनी सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अब आगे क्या होगा
कोर्ट ने DGCA को यह छूट दी है कि वह दो महीने के भीतर फिर से जांच शुरू कर सकता है। इस बार DGCA को जीतेंद्र को सुनवाई का मौका देना होगा और उसके बाद ही कोई फैसला लेना होगा। जीतेंद्र वर्मा, जिनके पास करीब 7,000 घंटे उड़ाने का अनुभव है, अब फिर से आसमान में उड़ान भरने की उम्मीद कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जीतेंद्र कृष्णा वर्मा का लाइसेंस कितने समय बाद वापस मिला
जीतेंद्र कृष्णा वर्मा का लाइसेंस 15 साल बाद वापस मिला है। उनका लाइसेंस मार्च 2011 में DGCA द्वारा सस्पेंड किया गया था, जिसे 8 जून 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने बहाल किया।
कोर्ट ने DGCA के फैसले को गलत क्यों माना
कोर्ट ने माना कि DGCA ने पायलट को अपनी बात रखने का मौका (hearing) नहीं दिया, जो एयरक्राफ्ट रूल्स 1937 के नियम 39A का उल्लंघन है। साथ ही 15 साल तक कोई चार्जशीट पेश नहीं की गई।