Maharashtra: मुंबई के Bandra (W) स्थित St Martin Road पर एक जिम चलाने वाले ट्रस्ट का लीज खत्म करने को लेकर Bombay High Court ने BMC को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने BMC के इस कदम को ‘बहुत ज्यादा मनमाना’ बताया।
Maharashtra: मुंबई के Bandra (W) स्थित St Martin Road पर एक जिम चलाने वाले ट्रस्ट का लीज खत्म करने को लेकर Bombay High Court ने BMC को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने BMC के इस कदम को ‘बहुत ज्यादा मनमाना’ बताया। यह पूरा विवाद जिम परिसर में हुए कथित अवैध निर्माण को लेकर शुरू हुआ था।
हाईकोर्ट ने BMC से क्या सवाल पूछे और क्या कहा?
जस्टिस मकरंद कर्णिक और जस्टिस श्रीराम मोदक की बेंच ने BMC से पूछा कि क्या वह 21 जनवरी 2021 को जारी लीज खत्म करने का नोटिस वापस लेगा। कोर्ट ने साफ कहा कि लीज को इस तरह खत्म नहीं किया जा सकता, इसे कानून के हिसाब से ही खत्म करना होगा। हालांकि, कोर्ट ने यह भी माना कि जिम में लगाए गए बांस और तिरपाल के अस्थायी ढांचे भी एक तरह का निर्माण ही हैं और यह कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है।
जिम ट्रस्ट और BMC के बीच क्या है पूरा विवाद?
Bandra Physical Culture Association को यह जमीन 1947 में मनोरंजन के लिए 1 रुपये सालाना किराए पर दी गई थी। BMC का आरोप है कि ट्रस्ट ने अवैध निर्माण किया है, जबकि ट्रस्ट के वकीलों का कहना है कि बांस और तिरपाल का इस्तेमाल सिर्फ जिम के सामान को बचाने के लिए किया गया था। ट्रस्ट ने अब 27 अप्रैल 2026 से इन अस्थायी ढांचों को हटाने की बात कही है।
इस मामले की अब तक की टाइमलाइन क्या रही?
- नवंबर 2, 2020: जिम के एक हिस्से को BMC ने गिराया।
- जनवरी 21, 2021: BMC ने लीज खत्म कर जमीन वापस मांगी।
- फरवरी 4, 2021: हाईकोर्ट ने BMC को कोई भी कठोर कदम उठाने से रोका।
- अप्रैल 25, 2026: कोर्ट ने BMC की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोर्ट ने BMC को क्यों फटकारा?
कोर्ट ने Bandra के जिम का लीज खत्म करने के BMC के तरीके को बहुत मनमाना बताया और कहा कि लीज कानून के मुताबिक ही खत्म होनी चाहिए।
जिम ट्रस्ट ने कोर्ट में क्या दलील दी?
ट्रस्ट के वकीलों ने कहा कि उन्होंने कोई पक्का निर्माण नहीं किया है, बल्कि जिम के उपकरणों को बचाने के लिए केवल बांस और तिरपाल का उपयोग किया है।