Navi Mumbai के होटल का लाइसेंस रद्द करने का फैसला पलटा, Bombay High Court ने कहा- भारत में हकीकत समझनी होगी

Maharashtra: नवी मुंबई के एक नामी चार सितारा होटल Park Inn by Radisson का FSSAI लाइसेंस सस्पेंड करने के फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि स्वच्छता के मानकों को लेकर एक व्यावहारिक नजरिया अपनाना

Maharashtra: नवी मुंबई के एक नामी चार सितारा होटल Park Inn by Radisson का FSSAI लाइसेंस सस्पेंड करने के फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि स्वच्छता के मानकों को लेकर एक व्यावहारिक नजरिया अपनाना जरूरी है, क्योंकि हम भारत में हैं। कोर्ट ने FDA को होटल का लाइसेंस तुरंत बहाल करने का आदेश दिया है।

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 2 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने होटल की अचानक जांच की। इसके बाद 3 जुलाई को FDA ने स्वच्छता, खाने के रखरखाव और स्टोरेज में गंभीर लापरवाही का हवाला देते हुए होटल का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया। होटल ने इस फैसले को चुनौती देते हुए कहा कि केवल दो कीड़े मिलने पर इतना बड़ा कदम उठाना गलत है, जबकि उनका ओवरऑल कंप्लायंस स्कोर 95% था।

सुनवाई के दौरान एक्टिंग चीफ जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखद की बेंच ने कहा कि सिर्फ दो कीड़ों के मिलने पर लाइसेंस सस्पेंड रखना सही नहीं है, खासकर जब होटल की बाकी रिपोर्ट संतोषजनक थी। जस्टिस घुगे ने हल्के अंदाज में यह भी कहा कि पिछले हफ्ते उनकी डेस्क पर भी एक कॉकरोच और एक मक्खी थी, इसलिए जमीनी हकीकत को समझना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या FDA ने लाइसेंस रद्द करने से पहले सुधार के लिए कोई नोटिस दिया था, जैसा कि नियमों में लिखा है।

FDA की ओर से सरकारी वकील नेहा भिडे ने दलील दी कि खाने की सुरक्षा और सफाई के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता, चाहे एक कीड़ा हो या दस। वहीं होटल के वकील मयूर खांडेपर्कर ने कहा कि कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए।

कोर्ट ने अब FDA को एक बड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि FDA अब सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों के कैंटीन की भी जांच करे। इसमें मंत्रालय (Mantralaya) और खुद हाई कोर्ट की कैंटीन भी शामिल हैं। FDA को 31 जुलाई 2026 तक इन सभी जगहों की जांच रिपोर्ट और वीडियो रिकॉर्डिंग जमा करनी होगी। FDA ने कोर्ट को बताया कि उसने पहले भी BMC, KEM अस्पताल और क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया के कैंटीनों की जांच की है और नियमों के उल्लंघन पर उन्हें बंद भी किया है।