Maharashtra: मुंबई की सड़कों पर लगने वाले अवैध ठेलों और फेरीवालों को लेकर Bombay High Court ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने BMC और महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिया है कि सर्वे किए गए 99,435 वैध फेरीवालों को अगले पांच हफ्तों
Maharashtra: मुंबई की सड़कों पर लगने वाले अवैध ठेलों और फेरीवालों को लेकर Bombay High Court ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने BMC और महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिया है कि सर्वे किए गए 99,435 वैध फेरीवालों को अगले पांच हफ्तों के भीतर QR कोड वाले पहचान पत्र (ID Cards) दिए जाएं। इस कदम का मकसद असली विक्रेताओं की पहचान करना और अवैध कब्जा करने वालों को हटाना है।
QR ID कार्ड से कैसे होगी पहचान और कार्रवाई?
जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की बेंच ने कहा कि QR कोड आधारित आईडी कार्ड से सिस्टम में पारदर्शिता आएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि कौन सा फेरीवाला कानूनी रूप से वहां बैठने का हकदार है। कोर्ट ने साफ किया है कि इस लिस्ट के बाहर जो भी व्यक्ति दुकान लगाएगा, उसे तुरंत हटाया जाएगा। खास तौर पर उन लोगों पर नजर रखी जाएगी जिन पर बांग्लादेशी नागरिक होने का शक है।
अवैध वेंडर्स और बांग्लादेशी नागरिकों पर क्या होगा एक्शन?
कोर्ट ने BMC और पुलिस को निर्देश दिया है कि वे सभी फेरीवालों की पहचान की गहन जांच करें। अवैध प्रवासियों, खासकर बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें वापस भेजने (repatriation) की प्रक्रिया शुरू होगी। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर संबंधित अधिकारी इस काम में लापरवाही बरतते हैं, तो उनकी व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।
स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट और अब तक की प्रक्रिया
साल 2014 में स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट लागू हुआ था, लेकिन कानूनी लड़ाइयों की वजह से इसे जमीन पर उतारने में देरी हुई। इससे पहले मार्च 2026 में कोर्ट ने BMC को 99,435 पात्र फेरीवालों को अनुमति देने और 29,008 अन्य लोगों के सत्यापन का काम चार महीने में पूरा करने को कहा था। अब कोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया को तेज करने के लिए समय सीमा तय कर दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितने फेरीवालों को QR ID कार्ड मिलेंगे?
Bombay High Court के आदेश के अनुसार, सर्वे किए गए कुल 99,435 वैध फेरीवालों को अगले पांच हफ्तों के भीतर QR कोड वाले पहचान पत्र जारी किए जाएंगे।
अवैध फेरीवालों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
जो फेरीवाले सर्वे लिस्ट में शामिल नहीं होंगे, उन्हें तुरंत हटाया जाएगा। साथ ही, संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी।