Maharashtra: मुंबई के तट पर तीन जहाजों में फंसे करीब 50 कर्मचारियों की हालत काफी खराब है। Bombay High Court ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया है कि इन लोगों के लिए तुरंत खाने-पीने का सामान, साफ पानी और दवाइयों का इंतजा
Maharashtra: मुंबई के तट पर तीन जहाजों में फंसे करीब 50 कर्मचारियों की हालत काफी खराब है। Bombay High Court ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया है कि इन लोगों के लिए तुरंत खाने-पीने का सामान, साफ पानी और दवाइयों का इंतजाम किया जाए। कोर्ट ने यह आदेश बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को जस्टिस रविंद्र घुगे और हितेन वेनेगावकर की बेंच ने जारी किया।
कर्मचारियों की क्या है हालत और कोर्ट ने क्या कहा?
कर्मचारियों की वकील पद्मवती वैश्य ने कोर्ट को बताया कि स्थिति इतनी गंभीर है कि लोग समुद्र के पानी से खाना बना रहे हैं और जहाजों पर बिजली भी नहीं है। कोर्ट ने साफ किया है कि सरकार जो भी खर्च करेगी, उसे जहाजों की कीमत (valuation) में जोड़ दिया जाएगा। इसके साथ ही Director General of Shipping को जहाजों की सही कीमत तय करने को कहा गया है।
जहाज मालिकों पर क्या होगी कार्रवाई?
कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि जहाज मालिकों को नोटिस भेजकर 4 मई को पेश होने के लिए कहा जाए। अगर मालिक 4 मई को नहीं आते हैं, तो कोर्ट कर्मचारियों को छुड़ाने के बाद इन जहाजों को गुजरात के Alang Ship Breaking Yard भेज सकता है। वहां इन जहाजों को आगे के आदेश तक रखा जाएगा।
सुरक्षा और स्वास्थ्य का क्या है अपडेट?
Indian Coast Guard (ICG) के वकील जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि कोस्ट गार्ड कर्मचारियों की मेडिकल जांच और इलाज सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ‘Asphalt’, ‘Stellar’ और ‘Al Jafzia’ नाम के इन तीन जहाजों में से दो अब चलने लायक (unseaworthy) नहीं रहे हैं। सुरक्षा और पर्यावरण के खतरों की वजह से इन जहाजों को बिना क्रू के खाली नहीं छोड़ा जा सकता।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई तट पर कौन से जहाज फंसे हुए हैं?
मुंबई तट पर ‘Asphalt’, ‘Stellar’ और ‘Al Jafzia’ नाम के तीन मोटर टैंकर फंसे हुए हैं, जिनमें करीब 50 कर्मचारी मौजूद हैं।
अगर जहाज मालिक कोर्ट में पेश नहीं हुए तो क्या होगा?
कोर्ट ने कहा है कि यदि मालिक 4 मई को उपस्थित नहीं होते हैं, तो कर्मचारियों को रिहा करने के बाद जहाजों को गुजरात के Alang Ship Breaking Yard भेज दिया जाएगा।