Maharashtra: मुंबई के वाशी रेलवे स्टेशन के स्ट्रक्चरल रिपेयर में हुए कथित वित्तीय घोटाले का मामला अब बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने कंपनी के पूर्व कर्मचारी श्रीकांत पाटिल को अंतरिम सुरक्षा देते हुए उनकी गिरफ्तार
Maharashtra: मुंबई के वाशी रेलवे स्टेशन के स्ट्रक्चरल रिपेयर में हुए कथित वित्तीय घोटाले का मामला अब बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने कंपनी के पूर्व कर्मचारी श्रीकांत पाटिल को अंतरिम सुरक्षा देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। पाटिल ने कंपनी के सीएमडी और घोटाले की जांच की मांग को लेकर याचिका दायर की थी।
क्या है पूरा मामला और क्यों हुई गिरफ्तारी की कोशिश
यह पूरा विवाद वाशी रेलवे स्टेशन की मरम्मत से जुड़ा है। जून 2018 में CIDCO ने करीब 28 करोड़ रुपये का यह काम Mahendra Realtors and Infrastructure Private Limited को दिया था। कंपनी के पूर्व कर्मचारी श्रीकांत पाटिल ने 2024 में इस काम में हुए वित्तीय घोटाले की जांच की मांग की थी। इसके बाद कंपनी के सीएमडी हेमंशु शाह ने पाटिल पर दस्तावेज चोरी करने का आरोप लगाते हुए मालाड पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई थी।
कोर्ट ने क्या आदेश दिए और अब आगे क्या होगा
जस्टिस संदेश पाटिल ने श्रीकांत पाटिल को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि अगर पाटिल को गिरफ्तार किया जाता है, तो उन्हें 20,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड और एक या दो जमानतदारों के साथ रिहा किया जाए। साथ ही, पाटिल को जांच अधिकारी के बुलाने पर पेश होना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई 23 जून 2026 को तय की गई है।
केस से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| घोटाले का प्रोजेक्ट |
वाशी रेलवे स्टेशन स्ट्रक्चरल रिपेयर |
| प्रोजेक्ट की कीमत |
लगभग 28 करोड़ रुपये |
| संबंधित कंपनी |
Mahendra Realtors and Infrastructure Private Limited |
| मुख्य आरोपी/सीएमडी |
Hemanshu Shah |
| व्हिसलब्लोअर |
Shrikant Patil |
| संबंधित पुलिस स्टेशन |
मालाड पुलिस स्टेशन |
Frequently Asked Questions (FAQs)
श्रीकांत पाटिल को कोर्ट से क्या राहत मिली है?
बॉम्बे हाई कोर्ट ने श्रीकांत पाटिल की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। यदि उन्हें गिरफ्तार किया जाता है, तो 20,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया गया है।
यह वित्तीय घोटाला किस प्रोजेक्ट से संबंधित है?
यह घोटाला वाशी रेलवे स्टेशन के स्ट्रक्चरल रिपेयर काम से जुड़ा है, जिसका 28 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट CIDCO ने महेंद्र रियल्टर्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को दिया था।