Maharashtra: सड़क हादसे के मुआवजे में होम लोन का ब्याज नहीं कटेगा, Bombay High Court का बड़ा फैसला
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने सड़क दुर्घटना के मामलों में मुआवजे की गणना को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ किया है कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत परिवार को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि तय करते समय, मृतक
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने सड़क दुर्घटना के मामलों में मुआवजे की गणना को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ किया है कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत परिवार को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि तय करते समय, मृतक की आय से होम लोन के ब्याज की कटौती नहीं की जा सकती। जस्टिस जितेंद्र जैन ने इस मामले में स्पष्ट किया कि इनकम टैक्स एक्ट के नियमों को मुआवजे की राशि घटाने का आधार नहीं बनाया जा सकता।
यह पूरा मामला डॉ. भूपेंद्र कोठाडिया की मौत से जुड़ा है, जिनकी एक सड़क हादसे में जान चली गई थी। उनके परिवार (विधवा और दो बच्चों) ने नासिक की मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) के 2012 के एक आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने पाया कि मृतक की आय का निर्धारण उनकी सैलरी, बिजनेस या पेशे के आधार पर होना चाहिए। अगर इसमें से होम लोन का ब्याज घटाया जाता है, तो आश्रितों को मिलने वाला मुआवजा कम हो जाएगा, जबकि मौत के बाद भी लोन की देनदारी परिवार पर बनी रहती है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि इनकम टैक्स एक्ट और मोटर व्हीकल एक्ट के उद्देश्य बिल्कुल अलग हैं। मोटर व्हीकल एक्ट का मकसद पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाना है, न कि टैक्स गणना के आधार पर राशि तय करना। इस फैसले के बाद कोर्ट ने मुआवजे की राशि में बढ़ोतरी की है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अतिरिक्त मुआवजा राशि | 17.58 लाख रुपये |
| आदेश देने वाले जज | जस्टिस जितेंद्र जैन |
| भुगतान की समय सीमा | 8 हफ्ते के भीतर |
| भुगतान करने वाली संस्था | इंश्योरेंस कंपनी |
हाई कोर्ट ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह ब्याज सहित यह अतिरिक्त राशि जल्द से जल्द जमा करे। इस फैसले से उन सभी परिवारों को राहत मिलेगी जो सड़क हादसों में अपनों को खोने के बाद मुआवजे की कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।