Maharashtra: मुंबई के धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए अब रास्ता साफ हो गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने धारावी कोली जमात ट्रस्ट की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें 50 एकड़ जमीन के पुनर्विकास से पहले उसकी सही सीमा तय
Maharashtra: मुंबई के धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए अब रास्ता साफ हो गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने धारावी कोली जमात ट्रस्ट की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें 50 एकड़ जमीन के पुनर्विकास से पहले उसकी सही सीमा तय करने की मांग की गई थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब इस बड़े प्रोजेक्ट का काम आगे बढ़ सकेगा।
कोर्ट ने याचिका क्यों खारिज की?
जस्टिस एम.एस. कर्णिक और जस्टिस एस.एम. मोदक की बेंच ने शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि जमीन की सीमा तय करने को लेकर 2016 में राज्य सरकार ने जो नोटिफिकेशन जारी किया था, वह अंतिम है। कोर्ट के मुताबिक, अब दोबारा मैपिंग की मांग करना बहुत देर से किया गया प्रयास है, इसलिए इस याचिका में कोई दम नहीं है।
कोली समाज की क्या शिकायत थी?
धारावी कोली जमात ट्रस्ट ने आरोप लगाया था कि राजस्व, वन और शहरी विकास विभाग पिछले 15 सालों से धारावी कोलीवाड़ा की बाहरी सीमा तय करने में लापरवाही बरत रहे हैं। ट्रस्ट चाहता था कि प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले मत्स्य पालन विभाग के जरिए जमीन का सर्वे कराया जाए। हालांकि, कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ट्रस्ट को यह छूट दी है कि वे जमीन रिकॉर्ड सर्वे के लिए राज्य सरकार के पास अपनी बात रख सकते हैं।
प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण |
जानकारी |
| प्रभावित क्षेत्र |
धारावी का लगभग 50 एकड़ प्लॉट |
| मुख्य कंपनी |
Adani Properties Pvt Ltd (Adani Group) |
| प्रोजेक्ट एजेंसी |
Navbharat Mega Developers Private Ltd |
| सरकारी कदम |
कोलीवाड़ा सीमा तय करने के लिए रुबल अग्रवाल की अध्यक्षता में कमेटी गठित |
| कमेटी का समय |
रिपोर्ट देने के लिए 3 महीने का समय मिला है |