Maharashtra: बॉम्बे High Court ने सोमवार को 750 से ज्यादा इंजीनियरिंग छात्रों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उन छात्रों को तीसरे और चौथे साल की परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी है, जिन्हें पिछले साल के कुछ पेपर (Backlog) क
Maharashtra: बॉम्बे High Court ने सोमवार को 750 से ज्यादा इंजीनियरिंग छात्रों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उन छात्रों को तीसरे और चौथे साल की परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी है, जिन्हें पिछले साल के कुछ पेपर (Backlog) क्लियर करने थे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 20 मई से परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं।
कोर्ट ने यूनिवर्सिटी को क्या आदेश दिए
Justice Gautam A Ankhad और Justice Sandesh D Patil की बेंच ने Savitribai Phule Pune University (SPPU) को सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि यूनिवर्सिटी ऑर्डर अपलोड होने के 24 घंटे के भीतर छात्रों के परीक्षा फॉर्म स्वीकार करे और उनकी जांच पूरी करे, ताकि किसी भी छात्र का साल बर्बाद न हो।
क्या है ‘Carry On’ पॉलिसी और पूरा मामला
इन छात्रों को जुलाई 2025 में ‘Carry On’ पॉलिसी के तहत प्रोविजनल एडमिशन मिला था। राज्य सरकार ने 10 फरवरी 2025 को इसके लिए GR जारी किया था, जिसके बाद SPPU ने भी अगस्त 2025 में सर्कुलर जारी कर ऐसे छात्रों को आगे की क्लास में एडमिशन की अनुमति दी थी। कोर्ट का मानना था कि जब छात्रों को पहले ही आगे की क्लास में एडमिशन मिल गया, तो आखिरी समय पर उन्हें परीक्षा से रोकना उनके करियर के लिए गलत होगा।
आगे क्या होगा और शर्तें क्या हैं
कोर्ट ने साफ किया है कि यह एक अंतरिम राहत (Interim Relief) है। इन छात्रों के परीक्षा परिणाम और उनकी उपस्थिति अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी, जो कि एक लंबित याचिका (Writ Petition) के बाद आएगा। इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 12 जून को होगी, जिसमें ‘Carry On’ सिस्टम की कानूनी वैधता पर चर्चा की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इंजीनियरिंग छात्रों के लिए परीक्षा कब से शुरू हो रही है?
बॉम्बे High Court के आदेश के बाद, पात्र छात्र 20 मई से शुरू होने वाली तीसरे और चौथे वर्ष की परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे।
यूनिवर्सिटी को फॉर्म जमा करने के लिए कितना समय मिला है?
कोर्ट ने Savitribai Phule Pune University (SPPU) को आदेश दिया है कि वह कोर्ट ऑर्डर अपलोड होने के 24 घंटे के भीतर छात्रों के फॉर्म स्वीकार और वेरीफाई करे।