Maharashtra: मुंबई के BMC प्रशासन को बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने BMC को आदेश दिया है कि वह कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाली डॉक्टर धनश्री रमेश करखानीस को उनका मातृत्व लाभ (Maternity Benefit) तुरंत दे।
Maharashtra: मुंबई के BMC प्रशासन को बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने BMC को आदेश दिया है कि वह कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाली डॉक्टर धनश्री रमेश करखानीस को उनका मातृत्व लाभ (Maternity Benefit) तुरंत दे। कोर्ट ने इसके लिए BMC को 2 हफ्ते का आखिरी समय दिया है, क्योंकि फरवरी में दिए गए आदेश के बाद भी भुगतान नहीं किया गया था।
क्यों हुआ यह विवाद और क्या है कोर्ट का फैसला?
डॉक्टर धनश्री करखानीस Seth G.S. Medical College और KEM Hospital में एनेस्थेसियोलॉजिस्ट और असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर काम कर रही थीं। अस्पताल ने यह कहकर उनके मातृत्व लाभ को खारिज कर दिया था कि उनकी नियुक्ति केवल कॉन्ट्रैक्ट और अस्थायी थी। हालांकि, जस्टिस आर.आई. चागला और जस्टिस अद्वैत एम. सेठना की बेंच ने कहा कि Maternity Benefit Act, 1961 में स्थायी और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के बीच कोई फर्क नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि कोई भी आंतरिक पॉलिसी या नियुक्ति पत्र इस कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
संविधान और कानून के तहत क्या हैं अधिकार?
हाई कोर्ट ने इस मामले में कुछ अहम कानूनी बातें स्पष्ट कीं। कोर्ट के मुताबिक मातृत्व लाभ देना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और गरिमा के अधिकार का हिस्सा है। डॉक्टर करखानीस ने कानून की धारा 5(2) के तहत जरूरी 80 दिनों के काम की शर्त पूरी की थी। साथ ही, BMC के अपने सर्विस रूल 170(2) के अनुसार भी एक साल की निरंतर सेवा वाले गैर-स्थायी कर्मचारी इस लाभ के हकदार हैं। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों को महिला कर्मचारियों के प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए ताकि उन्हें करियर और बच्चे की देखभाल के बीच चुनाव न करना पड़े।
अब आगे क्या होगा?
BMC ने पहले इस बात पर सहमति जताई थी कि लाभ दिए जाएंगे, लेकिन बाद में अपना स्टैंड बदल लिया। हाई कोर्ट ने इस व्यवहार को सही नहीं माना। अब कोर्ट ने सख्त लहजे में 2 हफ्ते के भीतर भुगतान करने को कहा है। इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट सुबित चक्रवर्ती और BMC की तरफ से एडवोकेट चैतन्य चव्हाण ने दलीलें पेश की थीं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को मातृत्व लाभ मिलता है?
हाँ, Maternity Benefit Act, 1961 के अनुसार कॉन्ट्रैक्ट और स्थायी कर्मचारियों के बीच कोई भेदभाव नहीं है। अगर कर्मचारी ने निर्धारित दिनों तक काम किया है, तो वह इस लाभ का हकदार है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने BMC को कितना समय दिया है?
कोर्ट ने BMC को डॉक्टर धनश्री करखानीस के मातृत्व लाभ का भुगतान करने के लिए 2 हफ्ते का अंतिम अल्टीमेटम दिया है।