Maharashtra : बॉम्बे हाई कोर्ट ने राज्य के 500 से ज्यादा प्राइवेट अनएडिड स्कूलों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें इन स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से
Maharashtra : बॉम्बे हाई कोर्ट ने राज्य के 500 से ज्यादा प्राइवेट अनएडिड स्कूलों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें इन स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से जनगणना (Census) ड्यूटी पर तैनात करने को कहा गया था। यह फैसला उन शिक्षकों के लिए बड़ी जीत है जो अपनी पढ़ाई और बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंतित थे।
कोर्ट ने क्यों रोका सरकार का फैसला
जस्टिस गौतम अंखाड और जस्टिस संदेश पाटिल की बेंच ने कहा कि पढ़ाई के समय शिक्षकों को दूसरे कामों में लगाना गलत है। इससे स्कूलों का कामकाज बिगड़ता है और छात्रों की पढ़ाई का नुकसान होता है। कोर्ट ने साफ किया कि Census Act या नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो प्राइवेट अनएडिड स्कूलों के स्टाफ के लिए ऐसी ड्यूटी को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाए। कोर्ट के मुताबिक जनगणना का काम सरकारी मशीनरी या स्थानीय निकायों के जरिए किया जा सकता है।
शिक्षकों पर कार्रवाई करने पर भी लगी रोक
सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट वेंकटेश ढोंड ने बताया कि ड्यूटी पर न आने वाले शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस दिए जा रहे थे और कुछ के खिलाफ FIR तक दर्ज करने की तैयारी थी। हाई कोर्ट ने अब अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी शिक्षक या स्टाफ के खिलाफ कोई दमनकारी कदम न उठाएं। अब किसी भी स्टाफ सदस्य के खिलाफ जनगणना ड्यूटी न करने पर आपराधिक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
आगे क्या होगा और क्या हैं मुख्य बातें
कोर्ट ने इस मामले को अंतिम निपटारे के लिए 31 जुलाई 2026 तक के लिए तय किया है। सरकार और जनगणना संचालकों को 22 मई से चार हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा। इस मामले में मुंबई, पुणे, नागपुर और नवी मुंबई जैसे शहरों के नगर निगमों ने पहले ही नियुक्ति पत्र जारी कर दिए थे। इससे पहले नागपुर बेंच ने भी सीबीएसई स्कूलों और अल्पसंख्यक कॉलेजों के स्टाफ को ऐसी राहत दी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हाई कोर्ट ने प्राइवेट स्कूल शिक्षकों को क्या राहत दी है?
बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है जिसमें 500 से अधिक प्राइवेट अनएडिड स्कूलों के शिक्षकों को अनिवार्य जनगणना ड्यूटी पर लगाने को कहा गया था।
क्या ड्यूटी न करने वाले शिक्षकों पर FIR हो सकती है?
नहीं, कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि जनगणना ड्यूटी पर रिपोर्ट न करने वाले स्कूल स्टाफ के खिलाफ कोई भी दमनकारी कदम या आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।