Maharashtra में शरद पवार की कुश्ती संस्था को झटका, बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज की अपील
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने शरद पवार के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र स्टेट रेसलिंग एसोसिएशन (MSWA) की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें संस्था की मान्यता वापस लिए जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट के इस फैसले के
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने शरद पवार के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र स्टेट रेसलिंग एसोसिएशन (MSWA) की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें संस्था की मान्यता वापस लिए जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब Wrestling Federation of India (WFI) द्वारा MSWA की सदस्यता खत्म करने का निर्णय बरकरार रहेगा।
यह मामला तब शुरू हुआ जब WFI ने 1 जनवरी 2023 को MSWA को हटाकर उसकी जगह महाराष्ट्र राज्य कुस्तीगीर संघ (MRKS) को मान्यता दे दी थी। MRKS की कमान पूर्व भाजपा सांसद राजेंद्र तडास के हाथों में है। इससे पहले 2022 में तत्कालीन WFI चीफ बृज भूषण शरण सिंह ने यह तर्क दिया था कि MSWA समय पर टूर्नामेंट आयोजित करने में नाकाम रही, इसलिए इसे भंग करना जरूरी है।
कोर्ट में MSWA ने दलील दी थी कि उनकी सदस्यता हटाना गैरकानूनी और मनमाना फैसला था। उनका कहना था कि यह निर्णय WFI की एग्जीक्यूटिव कमेटी के बजाय एक ओवरसाइट कमेटी ने लिया था, जो नियमों के खिलाफ था। हालांकि, जस्टिस भारती एच. डांगरे और जस्टिस मंजुषा ए. देशपांडे की बेंच ने पाया कि यह फैसला WFI के जनरल काउंसिल द्वारा लिया गया था, इसलिए इसे सही माना गया।
दिलचस्प बात यह है कि नवंबर 2022 में जस्टिस एस.के. शिंदे की सिंगल बेंच ने WFI के एक पुराने फैसले को गलत बताते हुए MSWA की कमेटी को कार्यकाल पूरा करने तक पद पर बने रहने की अनुमति दी थी। लेकिन अब डिवीजन बेंच के ताजा फैसले ने WFI के सदस्यता रद्द करने के कदम पर मुहर लगा दी है। फिलहाल कोर्ट के विस्तृत आदेश का इंतजार है।