Maharashtra में घर में अवैध बदलाव पर Bombay HC सख्त, सरकार को गाइडलाइंस बनाने का दिया निर्देश
Maharashtra: मुंबई में फ्लैट मालिकों द्वारा अपने घरों में बिना अनुमति के किए जाने वाले बदलावों पर Bombay High Court ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह जल्द से जल्द ऐसी गाइडलाइंस तैय
Maharashtra: मुंबई में फ्लैट मालिकों द्वारा अपने घरों में बिना अनुमति के किए जाने वाले बदलावों पर Bombay High Court ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह जल्द से जल्द ऐसी गाइडलाइंस तैयार करे, जिससे यह साफ हो सके कि घर या बिल्डिंग में किस तरह के बदलाव कानूनी रूप से मान्य हैं।
यह मामला तब सामने आया जब राविंद्र किनी नाम के एक व्यक्ति ने अपनी हाउसिंग सोसाइटी में हो रहे अवैध बदलावों को लेकर याचिका दायर की थी। कोर्ट ने पाया कि आजकल लोग अक्सर अपनी खुली छतों (open terraces) को ढकने या घर के ढांचे में बदलाव करने के लिए नियमों की अनदेखी करते हैं। जस्टिस ए.एस. गडकरी और जस्टिस कमल खाता की बेंच ने 16 जुलाई 2026 को यह फैसला सुनाया।
कोर्ट ने साफ कहा कि देश में दो तरह के नागरिक नहीं हो सकते, एक जो कानून मानते हैं और दूसरे जो खुलेआम इसे तोड़ते हैं। कानून को चुनिंदा तरीके से लागू नहीं किया जा सकता। इसी वजह से कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वह ऐसे नियम बनाए जो यह तय करें कि कौन से बदलाव स्थानीय अधिकारियों की अनुमति के बिना किए जा सकते हैं।
इन गाइडलाइंस में इस बात का खास ध्यान रखना होगा कि कौन से बदलाव बिल्डिंग की मजबूती और सुरक्षा को प्रभावित नहीं करते और कौन से बदलाव ढांचे को कमजोर कर सकते हैं, जिससे रहने वालों की जान को खतरा हो सकता है। साथ ही, कोर्ट ने आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाने की बात कही है। कोर्ट का मानना है कि अभी आर्किटेक्ट के जरिए आवेदन करना काफी महंगा पड़ता है, इसलिए सरकार को इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने पर विचार करना चाहिए।
इस मामले में कोर्ट ने Panvel Municipal Corporation (PMC) को भी निर्देश दिया है कि वह विशिष्ट मामलों में हुए अवैध बदलावों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करे।