Maharashtra: मुंबई के Worli इलाके में नियमों की अनदेखी करने वाले एक NGO की मुश्किलें बढ़ गई हैं। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने Mumbai Mile नामक NGO को आदेश दिया है कि वे Worli में की गई अवैध निर्माण वाली जग
Maharashtra: मुंबई के Worli इलाके में नियमों की अनदेखी करने वाले एक NGO की मुश्किलें बढ़ गई हैं। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने Mumbai Mile नामक NGO को आदेश दिया है कि वे Worli में की गई अवैध निर्माण वाली जगह को फिर से पहले जैसा कर दें। यह कार्रवाई Coastal Regulation Zone (CRZ) के नियमों के उल्लंघन के बाद की गई है।
क्यों हुई BMC की यह कार्रवाई और क्या था मामला?
यह पूरा मामला खान अब्दुल गफ्फार खान रोड के पास महात्मा फुले नगर का है। यहाँ एक CSR प्रोजेक्ट के तहत सौंदर्यीकरण का काम चल रहा था। आरोप है कि इस दौरान एक पब्लिक टॉयलेट को तोड़ दिया गया और बिना जरूरी CRZ क्लियरेंस के वहां नया निर्माण शुरू कर दिया गया। सामाजिक कार्यकर्ता Santosh Daundkar ने शिकायत की थी कि इस निर्माण की वजह से पब्लिक टॉयलेट जाने वाला रास्ता बंद हो गया है और वहां अवैध दीवार और फुटपाथ बना दिए गए हैं।
CRZ नियम और BMC के आदेश में क्या है खास?
BMC के G-South वार्ड ने इस प्रोजेक्ट के लिए पहले दिया गया No Objection Certificate (NOC) रद्द कर दिया है। नियमों के मुताबिक:
- CRZ Notification 2019 के तहत किसी भी निर्माण से पहले मंजूरी लेना अनिवार्य है।
- काम शुरू होने के बाद ‘पोस्ट-फैक्टो’ यानी बाद में मंजूरी देने का कोई प्रावधान नहीं है।
- हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ कहा है कि CRZ इलाकों में किसी भी तरह का निर्माण नहीं होना चाहिए।
आगे क्या होगा और कौन लोग हैं इसमें शामिल?
BMC ने 21 अप्रैल 2026 को यह अंतिम आदेश जारी किया। इससे पहले G-South वार्ड ने काम रोकने का नोटिस भी दिया था। इस मामले में मुख्य रूप से BMC का G-South वार्ड, NGO Mumbai Mile और शिकायतकर्ता Santosh Daundkar शामिल हैं। अब NGO को उस पूरी साइट को उसकी मूल स्थिति में वापस लाना होगा, वरना सख्त कार्रवाई हो सकती है।