Mumbai में कचरा निस्तारण के लिए BMC का नया प्लान, जगह की कमी होने पर अब दूसरों के साथ शेयर कर सकेंगे वेस्ट प्रोसेसिंग साइट

Maharashtra: मुंबई में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) एक नई योजना पर काम कर रही है। इसके तहत अब बड़े कचरा पैदा करने वाले संस्थान, जिनके पास खुद की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लि

Maharashtra: मुंबई में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) एक नई योजना पर काम कर रही है। इसके तहत अब बड़े कचरा पैदा करने वाले संस्थान, जिनके पास खुद की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए जगह नहीं है, वे अपने आस-पास के दूसरे संस्थानों या हाउसिंग सोसायटियों के साथ मिलकर कचरे का निपटारा कर सकेंगे। यह कदम शहर में गीले कचरे के स्थानीय स्तर पर निपटान को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

नगर निगम के नियमों के मुताबिक, ऐसी हाउसिंग सोसायटियां और कमर्शियल संस्थान जिन्हें Bulk Waste Generators (BWG) माना जाता है, उनके लिए ऑन-साइट वेस्ट प्रोसेसिंग सिस्टम लगाना जरूरी है। इसमें वे संस्थान आते हैं जो रोजाना 100 किलो से ज्यादा गीला कचरा निकालते हैं, या जिनका बिल्ट-अप एरिया 20,000 वर्ग मीटर से अधिक है, या जिनका रोजाना पानी का इस्तेमाल 40,000 लीटर या उससे ज्यादा है। फिलहाल ऐसे संस्थानों को या तो खुद कचरा प्रोसेस करना होता है या फिर इसे BMC को सौंपना पड़ता है।

BMC ने अब उन BWGs को रास्ता दिया है जिनके पास जगह की कमी है। ऐसे संस्थान अब किसी ऐसी जगह के साथ टाइ-अप कर सकते हैं जहां प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की जगह उपलब्ध हो। इसके लिए वे एक Special Purpose Vehicle (SPV) भी बना सकते हैं। साथ ही, BMC ने थर्ड-पार्टी एजेंसियों से Expression of Interest (EOI) मांगा है ताकि वे इन संस्थानों को साइट के आकलन, तकनीक चुनने और मशीन लगाने से लेकर उसके रखरखाव में पूरी मदद कर सकें।

इस योजना में शामिल होने वालों के लिए आर्थिक लाभ भी रखा गया है। जो संस्थान अपने परिसर में कचरा प्रोसेस करेंगे, उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स में 15% तक की छूट मिलेगी। खास बात यह है कि वह संस्थान जो अपनी जगह दूसरे के साथ शेयर करेगा, उसे भी इस टैक्स छूट का लाभ मिलेगा।

विवरण जानकारी
कुल पहचाने गए BWGs 3,177
पंजीकृत BWGs 2,025
सबसे ज्यादा पंजीकरण वाला वार्ड A-ward (263)
प्री-बिड मीटिंग में शामिल कंपनियां 31
प्रॉपर्टी टैक्स में अधिकतम छूट 15%