Delhi में BluSmart के बंद होने से EV कैब की किल्लत, SEBI की जांच और फंड हेराफेरी के आरोपों से कंपनी संकट में

Delhi: राजधानी दिल्ली और NCR के लोगों के लिए इलेक्ट्रिक कैब का सफर मुश्किल हो गया है। अप्रैल 2025 में BluSmart ने अपनी सेवाएं बंद कर दी थीं, जिसके बाद से बाजार में एक बड़ा खालीपन आ गया है। एक साल से ज्यादा समय बीत जाने क

Delhi: राजधानी दिल्ली और NCR के लोगों के लिए इलेक्ट्रिक कैब का सफर मुश्किल हो गया है। अप्रैल 2025 में BluSmart ने अपनी सेवाएं बंद कर दी थीं, जिसके बाद से बाजार में एक बड़ा खालीपन आ गया है। एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी दिल्ली के लोगों को BluSmart जैसा कोई दूसरा विकल्प नहीं मिल पाया है, जिससे यात्री काफी परेशान हैं।

कंपनी के बंद होने के पीछे बड़ी वित्तीय गड़बड़ियाँ और SEBI की जांच सामने आई है। SEBI ने BluSmart के को-फाउंडर्स अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी पर आरोप लगाया कि उन्होंने EV गाड़ियां खरीदने के लिए मिले 200 करोड़ रुपये से ज्यादा के फंड का इस्तेमाल अपने निजी खर्चों और लग्जरी अपार्टमेंट खरीदने में किया। यह पैसा Gensol Engineering Limited (GEL) के जरिए घुमाया गया था। इस मामले में SEBI ने जग्गी भाइयों को Gensol Engineering में डायरेक्टorship संभालने और पब्लिक मार्केट में काम करने से रोक दिया है।

इस वित्तीय संकट का असर यह हुआ कि 21 जून 2026 तक Blu-Smart Mobility Limited और उससे जुड़ी कंपनियां Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) के दौर से गुजर रही हैं। कंपनी को पैसा देने वाले IREDA और Power Finance Corporation (PFC) जैसे संस्थान भी इस विवाद में शामिल हैं क्योंकि उनके फंड का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल हुआ।

इस बीच, दिल्ली की EV कैब मार्केट में Evera Cabs ने एंट्री की है। Evera Cabs उन इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपने बेड़े में शामिल कर रही है जिन्हें लेंडर्स ने BluSmart से वापस ले लिया था। कंपनी का प्लान दिल्ली एयरपोर्ट जैसी जगहों पर करीब 1,000 ऐसी गाड़ियां चलाने का है ताकि यात्रियों की समस्या कम हो सके।

दूसरी तरफ, दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए EV Policy 2.0 पर काम कर रही है। इस नई पॉलिसी को जून 2026 के आखिरी हफ्ते में कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक 95% नए वाहन इलेक्ट्रिक हों। इसके तहत CNG ऑटो, टैक्सी और हल्के कमर्शियल वाहनों को धीरे-धीरे EV से बदलने का प्रस्ताव है। साथ ही, हाइब्रिड वाहनों के लिए रोड टैक्स में 50% की छूट देने पर भी विचार किया जा रहा है।