Black Sea में ड्रोन हमलों से हड़कंप, 2 फिलिपिनो नाविकों की मौत, 12 घायल
World : रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच Black Sea में जहाजों पर ड्रोन हमलों का खतरा बढ़ गया है। इन हमलों में फिलिपिनो के दो नाविकों की जान चली गई है और 12 अन्य लोग घायल हुए हैं। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय शिप
World : रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच Black Sea में जहाजों पर ड्रोन हमलों का खतरा बढ़ गया है। इन हमलों में फिलिपिनो के दो नाविकों की जान चली गई है और 12 अन्य लोग घायल हुए हैं। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और समुद्र में काम करने वाले आम कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
फिलिपिनो के Department of Migrant Workers (DMW) ने सोमवार, 20 जुलाई 2026 को एक प्रेस ब्रीफिंग में इन मौतों की पुष्टि की। बताया गया कि पहली मौत 6 जुलाई को और दूसरी 19 जुलाई को अलग-अलग ड्रोन हमलों में हुई। इसके अलावा एक नाविक अभी भी लापता है। जानकारी के मुताबिक, अब तक उन 9 जहाजों पर हमला हुआ है जिनमें फिलिपिनो के नाविक सवार थे। ये जहाज या तो उत्तरी Black Sea से गुजर रहे थे या दक्षिणी यूक्रेन के बंदरगाहों पर खड़े थे।
हमलों की गंभीरता को देखते हुए DMW ने 8 जुलाई 2026 को एक एडवाइजरी जारी की थी। इसमें यूक्रेन के सभी बंदरगाहों को ‘युद्ध क्षेत्र’ (warlike operations areas) और Black Sea को ‘हाई-रिस्क एरिया’ घोषित किया गया है। सरकार ने शिपिंग कंपनियों और एजेंसियों को सलाह दी है कि वे अपने जहाजों को इन खतरनाक इलाकों में भेजने से बचें या उनका रास्ता बदल दें।
इन हमलों के विवरण इस प्रकार हैं:
| तारीख/जहाज | घटना का विवरण |
|---|---|
| 6 और 19 जुलाई | दो फिलिपिनो नाविकों की मौत हुई |
| 8 जुलाई (M/V Blue) | ऑयल टैंकर पर ड्रोन हमला, 5 नाविक घायल और जहाज में आग लगी |
| 18-19 जुलाई (Venturo) | रूसी ड्रोन हमले के बाद यूक्रेनियन कोस्ट गार्ड ने एक नाविक को बचाया |
| कुल प्रभाव | 9 जहाज प्रभावित, 12 घायल और 1 लापता |
Migrant Workers Secretary Hans Cacdac ने कहा कि Black Sea में सुरक्षा की स्थिति बहुत खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि घायल नाविकों में से 4 को इलाज के लिए फिलिपिनो वापस भेज दिया गया है, जबकि बाकी 8 का इलाज चल रहा है। सरकार लापता नाविक की तलाश कर रही है और मृतकों के शवों को वापस लाने की कोशिश कर रही है। साथ ही, DMW ने चेतावनी दी है कि अगर शिपिंग एजेंसियां सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करेंगी और घटनाओं की रिपोर्ट नहीं देंगी, तो उनके लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।