Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में अब पार्षदों की मनमानी पर लगाम लगेगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने पार्षदों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है। यह कदम तब उठाया गया जब हाल ही में पार्षदों की गैर-मौजूदग
Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में अब पार्षदों की मनमानी पर लगाम लगेगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने पार्षदों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है। यह कदम तब उठाया गया जब हाल ही में पार्षदों की गैर-मौजूदगी के कारण एक अहम प्रस्ताव गिर गया था। अब पार्टी चाहती है कि यह सिस्टम सभी पार्षदों के लिए लागू हो ताकि काम में पारदर्शिता आए।
बायोमेट्रिक सिस्टम क्यों लाया गया
30 अप्रैल 2026 को BMC हाउस में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर वोटिंग हुई थी। उस समय महायुति गठबंधन के कई पार्षद मौजूद नहीं थे, जिसका फायदा उठाते हुए कांग्रेस और शिवसेना (UBT) ने मिलकर प्रस्ताव को ब्लॉक कर दिया। इस हार के बाद BJP ने अनुशासन तय करने का फैसला किया। 7 मई 2026 को पार्षद Makarand Narwekar ने मेयर Ritu Tawde से सभी पार्षदों के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने की मांग की ताकि समय की पाबंदी और जवाबदेही बढ़े।
हाजिरी का असर टिकट और फंड पर पड़ेगा
BJP ने अपने ऑफिस में फेस रिकग्निशन वाली बायोमेट्रिक मशीन लगा दी है। हाउस लीडर Ganesh Khankar ने बताया कि इससे पार्षदों के आने और जाने का सही समय रिकॉर्ड होगा। मुंबई BJP अध्यक्ष Ameet Satam की बैठक में यह तय हुआ कि अटेंडेंस रिकॉर्ड को परफॉरमेंस इंडिकेटर माना जाएगा। जिन पार्षदों की हाजिरी कम होगी, उनके डेवलपमेंट फंड के बंटवारे और भविष्य में चुनाव टिकट मिलने पर इसका असर पड़ सकता है।
अनुशासन के लिए जारी हुए नोटिस
वोटिंग के दौरान गायब रहने वाले पार्षदों पर कार्रवाई भी शुरू हुई है। BJP के हाउस लीडर Ganesh Khankar और शिवसेना ग्रुप लीडर Ameya Ghole ने अपनी-अपनी पार्टी के अनुपस्थित पार्षदों को कारण बताओ नोटिस (Showcause Notice) जारी किया है। इस नए सिस्टम का मकसद उन पार्षदों को रोकना है जो मीटिंग में देर से आते हैं या जल्दी चले जाते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BJP ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस क्यों शुरू की?
30 अप्रैल 2026 को पार्षदों की अनुपस्थिति के कारण एक अहम प्रस्ताव गिर गया था। अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब फेस रिकग्निशन आधारित हाजिरी शुरू की गई है।
कम हाजिरी होने पर पार्षदों पर क्या असर पड़ेगा?
पार्षदों के अटेंडेंस रिकॉर्ड का इस्तेमाल उनके प्रदर्शन को मापने के लिए किया जाएगा। इससे उनके विकास फंड के आवंटन और अगले चुनाव के टिकट पर असर पड़ सकता है।