Bihar: राज्य के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर रबी विपणन मौसम 2026-27 के लिए गेहूं खरीद के लक्ष्य को 18 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर अब 1.80 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। इस फैसले का मुख्य मकसद
Bihar: राज्य के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर रबी विपणन मौसम 2026-27 के लिए गेहूं खरीद के लक्ष्य को 18 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर अब 1.80 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। इस फैसले का मुख्य मकसद किसानों को बिचौलियों से बचाना और उनकी फसल का सही दाम दिलाना है।
गेहूं खरीद का नया लक्ष्य और जिम्मेदारी किसकी है?
संशोधित लक्ष्य के तहत अब कुल 1.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाएगा। इसमें अलग-अलग संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि खरीद प्रक्रिया सही से पूरी हो सके।
| संस्था का नाम |
खरीद का लक्ष्य |
| सहकारिता विभाग |
1.30 लाख मीट्रिक टन |
| भारतीय खाद्य निगम (FCI) |
50 हजार मीट्रिक टन |
MSP और भुगतान के क्या नियम हैं?
इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,585 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले ₹160 ज्यादा है। सरकार ने भुगतान के लिए PFMS प्रणाली का इस्तेमाल किया है, जिससे गेहूं बेचने के 48 घंटे के भीतर पैसा सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंच जाएगा।
- खरीद की अवधि: 1 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक।
- नमी की सीमा: गेहूं में अधिकतम 14% नमी होनी चाहिए।
- पंजीकरण: किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
खरीद प्रक्रिया में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम को इस पूरी प्रक्रिया के लिए मुख्य नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो गुणवत्ता की जांच और निगरानी करेगा। पंचायत स्तर पर PACS और प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडलों के जरिए खरीद की जा रही है। सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने जहानाबाद के किनारी पैक्स से इस प्रक्रिया का शुभारंभ किया और किसानों को उचित मूल्य दिलाने की प्रतिबद्धता जताई।