Bihar: पश्चिम बंगाल के मालदा से बिहार तक फैले जाली नोटों के नेटवर्क पर एटीएस ने बड़ी कार्रवाई की है। एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) के विशेष न्यायाधीश विपिन कुमार की अदालत ने इस मामले में छह आरोपियों को दोषी करार दिया है। य
Bihar: पश्चिम बंगाल के मालदा से बिहार तक फैले जाली नोटों के नेटवर्क पर एटीएस ने बड़ी कार्रवाई की है। एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) के विशेष न्यायाधीश विपिन कुमार की अदालत ने इस मामले में छह आरोपियों को दोषी करार दिया है। यह पूरा गिरोह नकली नोटों को बिहार के अलग-अलग जिलों में खपाने की साजिश रच रहा था।
कौन हैं दोषी और क्या है मामला
अदालत ने जहीर अब्बास, अरविंद पासवान, केदार पासवान, उदय कुमार, संतु कुमार और अजय कुमार को दोषी पाया है। ये सभी आरोपी मालदा से नकली नोट लाकर बिहार में चलाने की योजना बना रहे थे। एटीएस के मुख्य अभियोजक मोहम्मद फारूक आजम ने बताया कि 10 जनवरी 2016 को गया जिले के हंटरगंज-डोभी इलाके में छापेमारी के दौरान करीब 5.5 लाख रुपये के नकली 500-रुपये के नोट पकड़े गए थे।
अदालत का फैसला और कानूनी धाराएं
बुधवार, 27 मई 2026 को सुनाए गए इस फैसले में आरोपियों को आईपीसी की धारा 489-बी, 489-सी और यूएपीए (UAPA) की धारा 16 के तहत दोषी माना गया। दोष सिद्ध होने के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों के बेल बॉन्ड रद्द कर दिए और उन्हें न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया। अब सजा पर सुनवाई 3 जून 2026 को होगी।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क
जांच में सामने आया कि जाली नोटों का मुख्य स्रोत पश्चिम बंगाल का मालदा जिला था। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में दस गवाह पेश किए, जिनके बयानों के आधार पर यह साबित हुआ कि यह एक संगठित नेटवर्क था। मालदा को लंबे समय से जाली भारतीय मुद्रा का केंद्र माना जाता रहा है और बिहार में पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नकली नोट कहाँ से लाए जा रहे थे और कितनी रकम बरामद हुई थी?
नकली नोट पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से बिहार लाए जा रहे थे। एटीएस की छापेमारी में कुल 5.5 लाख रुपये के नकली 500-रुपये के नोट बरामद किए गए थे।
दोषी करार दिए गए आरोपियों को अब कहाँ रखा गया है?
कोर्ट ने सभी छह आरोपियों के बंधपत्र रद्द कर दिए हैं और उन्हें न्यायिक हिरासत में पटना की बेउर जेल भेज दिया गया है।