Bihar में मानसून एक्टिव, पटना समेत कई जिलों में बारिश और ठनका का Yellow Alert, IMD ने जारी की चेतावनी

Bihar: राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है जिससे पटना समेत कई जिलों में बारिश और आंधी-तूफान का माहौल बना हुआ है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ठनका गिरने का ये

Bihar: राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है जिससे पटना समेत कई जिलों में बारिश और आंधी-तूफान का माहौल बना हुआ है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ठनका गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

आज 3 जुलाई को राजधानी पटना में बादल छाए रहेंगे और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। पटना में तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास है लेकिन उमस की वजह से यह 43 डिग्री जैसा महसूस हो रहा है। वहीं कैमूर, सासाराम, गया और बक्सर जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में पटना, बक्सर, बेगूसराय, जमुई, किशनगंज और खगड़िया में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। हालांकि इस दौरान पटना के बड़ह subdivision के लालपुर गांव में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई।

IMD पटना के अनुसार 2 जुलाई को राज्य के 30 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया था जिसमें 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 26 जिलों में येलो अलर्ट था। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी जैसे जिलों में 5 जुलाई तक भारी बारिश और गरज के साथ तूफान की चेतावनी दी गई है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60-70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

आने वाले दिनों की बात करें तो 4 से 6 जुलाई के बीच मुजफ्फरपुर, बगहा, मधेपुरा, सहरसा और गोपालगंज में भारी बारिश का अनुमान है। वहीं 7 और 8 जुलाई को पटना समेत पूरे बिहार में व्यापक बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि जून में 46 प्रतिशत बारिश की कमी रही है इसलिए जुलाई में औसत से कम बारिश हो सकती है और दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री बढ़ सकता है जिससे लोगों को गर्मी और उमस से परेशानी होगी।

दूसरी तरफ नेपाल में हो रही लगातार बारिश की वजह से कोसी और बागमती नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे खगड़िया और मुजफ्फरपुर जैसे उत्तरी बिहार के जिलों में बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ गया है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) अब हर पंचायत और गांव तक चेतावनी पहुंचाने के लिए सिस्टम को मजबूत कर रहा है ताकि बिजली गिरने और बाढ़ जैसी आपदाओं से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।