Bihar : बिहार में इन दिनों बारिश का दौर जारी है जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 27 जिलों के लिए 7 से 9 जून 2026 तक येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई इलाकों में 50 क
Bihar : बिहार में इन दिनों बारिश का दौर जारी है जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 27 जिलों के लिए 7 से 9 जून 2026 तक येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
किन जिलों में कब होगी बारिश
आज यानी 7 जून को पटना, गया, सारण, बक्सर, कैमूर, औरंगाबाद, रोहतास, नालंदा, वैशाली, शेखपुरा, जमुई और लखीसराय जैसे शहरों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। वहीं सोमवार 8 जून को अररिया, कटिहार, किशनगंज, मधुबनी, पूर्णिया, सीतामढ़ी और सुपौल में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इससे पहले शनिवार को पटना सहित दक्षिण बिहार के कई जिलों में बारिश हुई थी जिससे तापमान में गिरावट आई है।
सावधानी और मौसम विभाग की सलाह
IMD और पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि बारिश और बिजली कड़कने के समय खुले में न रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहें। पिछले 24 घंटों में जमुई, मुंगेर, बांका और बक्सर में बिजली गिरने से एक-एक व्यक्ति की जान जा चुकी है, इसलिए प्रशासन ने लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।
बिहार में मानसून कब तक आएगा
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह बारिश प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है जो बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण हो रही है। बिहार में मानसून के 12 से 15 जून या 15 से 16 जून 2026 के बीच पूर्णिया और किशनगंज के रास्ते प्रवेश करने की संभावना है। हालांकि IMD के शुरुआती अनुमान के अनुसार इस साल मानसून के दौरान राज्य में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार के किन जिलों में आज भारी बारिश की संभावना है
आज 7 जून को पटना, गया, सारण, बक्सर, कैमूर, औरंगाबाद, रोहतास, नालंदा, वैशाली, शेखपुरा, जमुई और लखीसराय सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
बिहार में मानसून कब तक पहुंचेगा
मौसम विभाग के अनुसार बिहार में मानसून के 12 से 16 जून 2026 के बीच पूर्णिया और किशनगंज के रास्ते प्रवेश करने की प्रबल संभावना है।