Bihar: बिहार में प्री-मानसून का असर बढ़ गया है जिससे मौसम का मिजाज बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 19 से 24 जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की है। यह खराब मौसम 15 मई, 202
Bihar: बिहार में प्री-मानसून का असर बढ़ गया है जिससे मौसम का मिजाज बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 19 से 24 जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की है। यह खराब मौसम 15 मई, 2026 तक बना रह सकता है, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ने की संभावना है।
किन जिलों में कैसा है अलर्ट और हवा की रफ्तार
मौसम विभाग ने अलग-अलग जिलों के लिए अलग चेतावनी जारी की है। बिहार के 19 से 24 जिलों में येलो अलर्ट है, जबकि मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों के लिए 12 मई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ हवा की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। वहीं बांका, जमुई, जहानाबाद, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, नवादा और शेखपुरा सहित 9 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ तेज आंधी और ओलावृष्टि की आशंका है।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानी और सरकारी निर्देश
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए हैं। आंधी और बिजली कड़कने के समय खुले खेतों में न रहें और ऊँचे पेड़ों, बिजली के खंभों या लोहे की चीजों से दूर रहें। पटना और दक्षिण बिहार में हल्की बूंदाबांदी और बादल छाए रहने की उम्मीद है। बता दें कि प्री-मानसून गतिविधि की वजह से राज्य में सामान्य से 193% अधिक बारिश दर्ज की गई है।
मौसम के कारण हुई जान-माल की हानि
खराब मौसम का असर राज्य में पहले ही दिखना शुरू हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार 8 मई को आंधी-बारिश और वज्रपात की वजह से 7 लोगों की मौत हुई। इससे पहले 7 मई को 9 लोगों और 5 मई तक कुल 24 लोगों की जान गई थी। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में तापमान 1 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिसके बाद इसमें गिरावट आएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार के किन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है?
बांका, जमुई, जहानाबाद, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, नवादा और शेखपुरा सहित कुल 9 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को क्या सलाह दी है?
IMD और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को आंधी-तूफान के दौरान खुले खेतों से दूर रहने और बिजली के खंभों, ऊँचे पेड़ों तथा धातु की वस्तुओं से बचने की सलाह दी है।