Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुल के बिजली पोल संख्या 121 और 122 के बीच एक्सपेंशन जॉइंट का गैप काफी बढ़ गया है, जिससे राहगीरों और वाहनों के लिए खतरा पैदा हो गया है। फिलह
Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुल के बिजली पोल संख्या 121 और 122 के बीच एक्सपेंशन जॉइंट का गैप काफी बढ़ गया है, जिससे राहगीरों और वाहनों के लिए खतरा पैदा हो गया है। फिलहाल इस खाली जगह को लोहे की चादर लगाकर अस्थायी तौर पर ढका गया है।
विक्रमशिला सेतु पर गैप कितना बढ़ा और क्या है स्थिति
पुल के इस हिस्से में सामान्य तौर पर गैप 40 मिलीमीटर होना चाहिए, लेकिन जांच में यह बढ़कर करीब 90 मिलीमीटर तक पहुंच गया है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की तकनीकी टीम ने मौके पर जाकर इसका निरीक्षण किया है। एक इंजीनियर ने पुष्टि की है कि यह गैप तकनीकी रूप से सामान्य नहीं है। पथ निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय भारती ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं और विस्तृत रिपोर्ट पटना मुख्यालय भेजी जा रही है।
पुल की पुरानी घटना और मरम्मत का काम
सेतु की यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि मई 2026 में पिलर नंबर 133 के पास एक बड़ा स्लैब नदी में गिर गया था। उस घटना के बाद BRO और NH विभाग की मदद से 49 मीटर लंबा बेली ब्रिज बनाया गया था, जिस पर छोटे वाहनों का परिचालन शुरू हुआ। वर्तमान में IIT Patna द्वारा सेतु का सेफ्टी ऑडिट किया जा रहा है और क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक करने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
नया फोरलेन पुल और भविष्य की योजना
प्रशासन अब पुराने पुल के साथ-साथ नए फोरलेन पुल के काम में तेजी ला रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2020 में इस पुल की आधारशिला रखी थी, जिसका करीब 50.15 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि यह नया पुल दिसंबर 2026 तक चालू हो जाएगा। वहीं, पुराने पुल के पुनर्निर्माण का लक्ष्य 30 नवंबर 2026 तक रखा गया है ताकि यातायात पूरी तरह बहाल हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु के जॉइंट में कितना गैप आया है
पुल के बिजली पोल 121 और 122 के बीच का गैप जो सामान्यतः 40mm होना चाहिए, वह बढ़कर लगभग 90mm हो गया है।
नया फोरलेन पुल कब तक बनकर तैयार होगा
गंगा नदी पर बन रहे नए फोरलेन पुल का काम तेजी से चल रहा है और इसके दिसंबर 2026 तक चालू होने की उम्मीद है।