Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा हिस्सा गंगा नदी में गिर गया है। इस हादसे की वजह से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। पुलिस और प्रशासन ने समय रहते पुल को खाली करा लिया, जिससे एक
Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा हिस्सा गंगा नदी में गिर गया है। इस हादसे की वजह से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। पुलिस और प्रशासन ने समय रहते पुल को खाली करा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। अब भागलपुर और नवगछिया के बीच आने-जाने वाले वाहनों को दूसरे रास्तों पर भेजा जा रहा है।
पुल कैसे टूटा और प्रशासन ने क्या कदम उठाए
यह घटना 4 मई 2026 की सुबह करीब 1 बजकर 10 मिनट पर हुई। उससे पहले रविवार रात 11:33 बजे पिलर नंबर 133 धंसना शुरू हुआ था और रात 11:55 बजे तक वह खतरनाक तरीके से झुक गया था। भागलपुर रेंज IG विवेक कुमार, SSP प्रमोद कुमार यादव और नवगछिया SP राजेश कुमार ने तुरंत एक्शन लेते हुए पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। DM नवल किशोर चौधरी ने बताया कि पुल को दोनों तरफ से सील कर दिया गया है।
अब लोग किस रास्ते से जा सकते हैं
विक्रमशिला सेतु बंद होने के कारण प्रशासन ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया है। अब सभी वाहनों को सुल्तानगंज के रास्ते मुंगेर की तरफ भेजा जा रहा है। SSP प्रमोद यादव ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा बताए गए वैकल्पिक रास्तों का ही इस्तेमाल करें। अधिकारियों ने तकनीकी एक्सपर्ट्स को बुलाकर जांच शुरू करवा दी है।
क्या पहले भी पुल में खराबी आई थी
मार्च 2026 में भी पिलर नंबर 17, 18 और 19 के पास सुरक्षा दीवारों में टूट-फूट की खबरें आई थीं। उस समय RCD मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल और NHAI के अधिकारियों ने कहा था कि मुख्य ढांचा सुरक्षित है और केवल बाहरी रिंग्स में दिक्कत है। IIT-पटना और अन्य विभागों ने इसकी जांच भी की थी। फिलहाल, इस पुल के समानांतर एक नया फोर-लेन पुल बनाया जा रहा है, जिसके मई 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु टूटने के बाद अब कौन सा रास्ता इस्तेमाल करें
प्रशासन ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया है। अब भागलपुर और नवगछिया के बीच जाने वाले वाहनों को सुल्तानगंज के रास्ते मुंगेर की तरफ भेजा जा रहा है।
पुल का कितना हिस्सा टूटा है और हादसा कब हुआ
4 मई 2026 को सुबह 1:10 बजे पुल का करीब 25 मीटर का स्लैब गंगा नदी में गिर गया। यह हादसा पिलर नंबर 133 के धंसने की वजह से हुआ।