हैडलाइन ठीक वैसे ही जैसा सरकार दिखाना चाहती थी और इससे पहले खबरों में बताते आई है लेकिन सच्चाई यह है की विक्रमशिला पुल का एक स्लैब धराशाई होकर गंगा जी में समा चुका है उसे पुल के जरिए लोगों की कनेक्टिविटी रुक गई है. हमेशा
हैडलाइन ठीक वैसे ही जैसा सरकार दिखाना चाहती थी और इससे पहले खबरों में बताते आई है लेकिन सच्चाई यह है की विक्रमशिला पुल का एक स्लैब धराशाई होकर गंगा जी में समा चुका है उसे पुल के जरिए लोगों की कनेक्टिविटी रुक गई है. हमेशा से लाचार हालात के लिए जाना जाने वाले यह फूल लोगों को पहले से ही इशारे कर रहा था कि वह जल्द ही जमीन डोज होने वाला है लेकिन बस एहसान यह रहा कि यह ऐसे समय में हुआ जिस समय रात में गाड़ियों का लोड और खासकर पब्लिक व्हीकल लोड एकदम से शून्य था.
पुरानी खबर जो सरकार चलवा रही थी
Bihar: भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु को लेकर सोशल मीडिया और कुछ खबरों में पिलर नंबर 133 के गिरने की चर्चा थी। इस खबर से यात्रियों में डर फैल गया और पुल की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे। हालांकि, सरकार और प्रशासन ने इस खबर का खंडन करते हुए पुल को पूरी तरह सुरक्षित बताया है।
क्या वाकई गिरा पुल का पिलर?
बिहार के पथ निर्माण विभाग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल और जिला मजिस्ट्रेट नवल किशोर चौधरी ने स्पष्ट किया है कि पुल का कोई मुख्य पिलर नहीं गिरा है। दरअसल, पिलर नंबर 17, 18 और 19 के पास बनी अस्थायी सुरक्षा दीवारें (फॉल्स वॉल) क्षतिग्रस्त हुई थीं। ये दीवारें निर्माण के समय पानी रोकने के लिए बनाई गई थीं, जो मुख्य ढांचे का हिस्सा नहीं थीं। प्रशासन ने कहा है कि सेतु यातायात के लिए बिल्कुल सुरक्षित है।
मरम्मत कार्य और आने वाली परेशानियां
IIT दिल्ली और IIT पटना की टीमों ने पुल की जांच की है। जांच में पाया गया कि पुल के विस्तार जोड़ों (Expansion Joints) और बॉल-बेयरिंग में कुछ खराबी है। इसे ठीक करने के लिए 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आएगा। मरम्मत के दौरान सुरक्षा के लिहाज से रोजाना 2 से 3 घंटे के लिए वाहनों की आवाजाही रोकी जाएगी, जिससे यात्रियों को थोड़ी असुविधा हो सकती है।
ट्रैफिक नियम और जुर्माना
पुल पर हादसों को रोकने के लिए दिसंबर 2025 से ओवरटेकिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। अगर कोई ओवरटेकिंग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा और उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या विक्रमशिला सेतु पर चलना सुरक्षित है?
हां, पथ निर्माण विभाग और जिला प्रशासन ने इसे पूरी तरह सुरक्षित बताया है। जो हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था, वह केवल अस्थायी सुरक्षा दीवार थी, मुख्य पिलर नहीं।
पुल की मरम्मत के दौरान ट्रैफिक पर क्या असर होगा?
बॉल-बेयरिंग और विस्तार जोड़ों की मरम्मत के लिए प्रतिदिन 2 से 3 घंटे के लिए वाहनों की आवाजाही रोकी जाएगी।