Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा ढहने से दक्षिण बिहार और सीमांचल के बीच का संपर्क टूट गया था। इस वजह से करीब एक लाख रोजाना सफर करने वाले लोग परेशान थे। अब भारतीय सेना, BRO और MES की मदद से यहां अस्थायी बेली
Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा ढहने से दक्षिण बिहार और सीमांचल के बीच का संपर्क टूट गया था। इस वजह से करीब एक लाख रोजाना सफर करने वाले लोग परेशान थे। अब भारतीय सेना, BRO और MES की मदद से यहां अस्थायी बेली ब्रिज का काम लगभग पूरा हो गया है, जिससे जल्द ही यातायात बहाल होने की उम्मीद है।
बेली ब्रिज कब से शुरू होगा और क्या हैं नियम?
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के मुताबिक, बेली ब्रिज की लॉन्चिंग पूरी हो चुकी है। अगर सभी तकनीकी टेस्ट और सुरक्षा जांच सही रहे, तो 5 जून 2026 से छोटे वाहनों के लिए पुल खुल सकता है। यह अस्थायी पुल करीब 49-50 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा होगा। सुरक्षा के लिहाज से इस पर केवल 10 टन तक के हल्के वाहनों को ही आने की अनुमति होगी, जबकि भारी वाहनों का रास्ता बंद रहेगा।
मरम्मत के काम में कौन-कौन शामिल है?
पुल को जल्द ठीक करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख से मदद मांगी थी। फिलहाल BRO और MES की टीमें निर्माण कार्य का नेतृत्व कर रही हैं। तकनीकी जांच और सुरक्षा ऑडिट के लिए IIT पटना और राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग की टीमें जुड़ी हुई हैं। बिहार के PwD मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा है कि मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है ताकि लोगों को जल्द राहत मिले।
स्थायी समाधान और वैकल्पिक रास्ते क्या हैं?
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि गिरे हुए हिस्से की पूरी मरम्मत में कम से कम तीन महीने लगेंगे। वहीं, एक नया समानांतर पुल दिसंबर 2026 तक तैयार हो जाएगा। तब तक यात्रियों को मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया के नए पुल का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। नदी पार करने के लिए नौका और स्टीमर सेवाएं भी चालू रखी गई हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज कब तक चालू होगा?
जिलाधिकारी के अनुसार, तकनीकी परीक्षण सफल रहने पर 5 जून 2026 से छोटे वाहनों के लिए बेली ब्रिज पर आवागमन शुरू होने की संभावना है।
क्या भारी वाहनों को बेली ब्रिज से जाने दिया जाएगा?
नहीं, यह अस्थायी पुल केवल 10 टन तक के वजन वाले हल्के वाहनों के लिए डिजाइन किया गया है, भारी वाहनों के लिए आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।