Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला गंगा सेतु का एक हिस्सा टूटने से उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क टूट गया था। अब पथ निर्माण मंत्री शैलेंद्र ने जानकारी दी है कि हल्के वाहनों के लिए इस पुल को 5 जून तक खोल दिया जाएगा। इस काम के
Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला गंगा सेतु का एक हिस्सा टूटने से उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क टूट गया था। अब पथ निर्माण मंत्री शैलेंद्र ने जानकारी दी है कि हल्के वाहनों के लिए इस पुल को 5 जून तक खोल दिया जाएगा। इस काम के लिए सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम युद्धस्तर पर जुटी हुई है ताकि लोगों की परेशानी जल्द खत्म हो सके।
विक्रमशिला ब्रिज पर क्या काम हुआ है और कब खुलेगा?
BRO की ‘प्रोजेक्ट स्वस्तिक’ टीम ने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर 170 फीट लंबा बेली ब्रिज तैयार कर लिया है। इस पर स्टील डेकिंग यानी लोहे का चदरा बिछाने का काम भी पूरा हो चुका है। मंत्री शैलेंद्र और जिलाधिकारी के अनुसार, 5 जून तक छोटे वाहन सुरक्षित रूप से पुल पार कर सकेंगे। सुरक्षा के लिए यहाँ कुल तीन बेली ब्रिज बनाए जा रहे हैं, जिनमें से एक का काम पूरा हो गया है और बाकी दो पर काम जारी है।
किन वाहनों को मिलेगी अनुमति और क्या है क्षमता?
तैयार किए जा रहे इस अस्थायी बेली ब्रिज की क्षमता 20 से 25 टन तक होगी। इसी वजह से यहाँ केवल हल्के और छोटे वाहनों को ही आने-जाने की अनुमति मिलेगी। भारी वाहनों के लिए अभी रास्ता बंद रहेगा। पुल के पिलर नंबर 133 के पास एक स्लैब गिरने के बाद से आवाजाही प्रभावित थी, जिसे अब इस नए इंतजाम से बहाल किया जा रहा है।
आम लोगों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था है?
जब तक पुल पूरी तरह चालू नहीं होता, जिला प्रशासन ने चार नए जल परिवहन मार्ग शुरू किए हैं। इसमें इंग्लिश फरका-महादेवपुर, बाबूपुर-महादेवपुर, बरारी-जाह्नवी चौक और कहलगांव-तीनटंगा घाट के बीच नौका सेवा शुरू की गई है। साथ ही, आईआईटी की एक टीम दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और विशेषज्ञों की टीम मरम्मत की गुणवत्ता की निगरानी कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला ब्रिज हल्के वाहनों के लिए कब खुलेगा?
पथ निर्माण मंत्री शैलेंद्र और जिला प्रशासन के अनुसार, यह पुल 5 जून तक हल्के वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
पुल पर किस तरह का निर्माण किया गया है?
BRO द्वारा यहाँ 170 फीट लंबा बेली ब्रिज बनाया गया है। इसे देश का पहला हैंगिंग बेली ब्रिज बताया जा रहा है, जिसकी क्षमता 20 से 25 टन है।