Bihar विधानसभा में विशेष अधिकार न्यायालय शुरू, अब विधायकों के मान-सम्मान और अधिकारों की होगी रक्षा
Bihar: बिहार विधानसभा में विधायकों और सदन के अधिकारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। 22 जून, 2026 को बिहार विधानसभा के उपभवन में ‘विशेष अधिकार न्यायालय’ (Special Privileges Court) का
Bihar: बिहार विधानसभा में विधायकों और सदन के अधिकारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। 22 जून, 2026 को बिहार विधानसभा के उपभवन में ‘विशेष अधिकार न्यायालय’ (Special Privileges Court) का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस कोर्ट का मुख्य काम विधायकों और विधानसभा कर्मचारियों के मान-सम्मान को बनाए रखना और उनके अधिकारों के हनन से जुड़े मामलों की सुनवाई करना होगा।
इस न्यायालय का उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने किया। इस मौके पर उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव और बिहार विधान परिषद के सभापति तारकिशोर प्रसाद समेत सदन के कई बड़े अधिकारी मौजूद थे। डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि इस कोर्ट को भारतीय संविधान के अनुच्छेद-194 से शक्ति मिली है, जो विधानसभा और उसके सदस्यों को विशेष अधिकार देता है।
अब अगर किसी विधायक या अधिकारी के साथ अमर्यादित व्यवहार या बदसलूकी होती है, तो उसकी सुनवाई विधानसभा के भीतर ही इस विशेष न्यायालय में होगी। नियमों के मुताबिक विशेषाधिकारों का हनन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खास बात यह है कि यह कोर्ट केवल विधानसभा सत्र के दौरान ही नहीं, बल्कि साल के किसी भी दिन काम करेगा। अगर साल में कभी भी विशेषाधिकार हनन का मामला आता है, तो यह कोर्ट उसकी निष्पक्ष जांच करेगा। इस नई व्यवस्था से विधायिका और कार्यपालिका के बीच तालमेल और अनुशासन बेहतर होने की उम्मीद है।