Bihar : वाल्मीकिनगर में राप्ती नदी के किनारे रेत में घड़ियाल के 17 घोंसले मिले हैं। इन घोंसलों में अंडे सुरक्षित हैं और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए इन्हें बचाने की तैयारी की जा रही है। इन अंडों को जल्द ही प्रजनन केंद्र ल
Bihar : वाल्मीकिनगर में राप्ती नदी के किनारे रेत में घड़ियाल के 17 घोंसले मिले हैं। इन घोंसलों में अंडे सुरक्षित हैं और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए इन्हें बचाने की तैयारी की जा रही है। इन अंडों को जल्द ही प्रजनन केंद्र ले जाया जाएगा ताकि नए घड़ियाल तैयार हो सकें।
घड़ियाल के अंडों को कैसे बचाया जाएगा?
चितवन निकुंज के सूचना अधिकारी अविनाश थापा मगर ने बताया कि इन अंडों को सुरक्षित तरीके से घड़ियाल प्रजनन केंद्र ले जाया जाएगा। वहां इन्हें एक नियंत्रित तापमान में रखा जाएगा ताकि अंडों से बच्चे सही तरीके से निकल सकें। जब ये बच्चे बड़े हो जाएंगे, तब इन्हें वापस नदी में छोड़ दिया जाएगा ताकि वे प्रकृति के साथ तालमेल बिठा सकें।
अंडों को खोजने और इकट्ठा करने का क्या प्लान है?
सुरक्षाकर्मियों ने 15 मार्च से ही राप्ती नदी के किनारे घोंसले खोजने का काम शुरू कर दिया था। इस काम में चितवन निकुंज के सुरक्षाकर्मियों के साथ स्थानीय बोटे समुदाय के दो लोगों की भी मदद ली गई है। इस साल अंडों को इकट्ठा करने का काम 25 अप्रैल से शुरू होगा।
संरक्षण से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| कुल घोंसले |
17 |
| खोज शुरू होने की तारीख |
15 मार्च |
| अंडा संकलन की तारीख |
25 अप्रैल से |
| संबंधित संस्था |
चितवन राष्ट्रीय निकुंज |
| प्रजनन केंद्र का स्थान |
कसरा |