Bihar: बिहार की वैशाली पुलिस ने करीब 28 साल से फरार चल रहे अंतरराष्ट्रीय डकैत जयराम पासवान को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। नेपाल का रहने वाला यह कुख्यात अपराधी साल 1998 से ही भारत और नेपाल की पुलिस के लिए
Bihar: बिहार की वैशाली पुलिस ने करीब 28 साल से फरार चल रहे अंतरराष्ट्रीय डकैत जयराम पासवान को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। नेपाल का रहने वाला यह कुख्यात अपराधी साल 1998 से ही भारत और नेपाल की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। पुलिस के मुताबिक, जयराम पासवान बिहार के महनार में एक ज्वेलर के घर हुई डकैती में शामिल था, जिसके बाद पुलिस ने विशेष टीम बनाकर इसे दबोच लिया। यह अपराधी इतना शातिर है कि हर बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद मलेशिया भाग जाता था और मामला शांत होने पर फिर से वापस लौट आता था।
कैसे पुलिस की गिरफ्त में आया 28 साल से फरार डकैत?
वैशाली के एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि 20-21 अप्रैल 2026 की रात महनार में एक स्वर्ण व्यवसायी के घर डकैती हुई थी। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि बेतिया में एक शादी समारोह के दौरान इस डकैती की पूरी साजिश रची गई थी। इस गिरोह में बिहार और नेपाल के अपराधी शामिल थे। जयराम पासवान का तरीका यह था कि वह कोई भी बड़ा कांड करने के बाद सीधे मलेशिया भाग जाता था और कई सालों तक वहीं छिपा रहता था। पुलिस ने इस बार घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
जयराम पासवान और उसके गिरोह का काला चिट्ठा
जयराम पासवान पर बिहार के कई जिलों जैसे सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी और दरभंगा के अलावा नेपाल में भी 24 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने जयराम के साथ दो और बदमाशों को पकड़ा है जो उसके साथ डकैती में शामिल थे। इनके नाम और रिकॉर्ड कुछ इस तरह हैं:
- जयराम पासवान: नेपाल का निवासी और अंतरराष्ट्रीय गिरोह का मुख्य सदस्य, 24 से अधिक मामले दर्ज।
- भोला साह: नेपाल का रहने वाला और बम बनाने का एक्सपर्ट, इस पर डकैती और बम हमलों के 11 मामले दर्ज हैं।
- राजीव सिंह: शिवहर, बिहार का निवासी, जिस पर डकैती के 2 मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। हालांकि, महनार डकैती के दौरान लूटा गया लगभग 50 ग्राम सोना और 50 हजार रुपये नकद अभी तक बरामद नहीं हो सके हैं।
मास्टरमाइंड इदरीस नट अब भी है पुलिस की पकड़ से बाहर
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि इस पूरे गैंग का असली मास्टरमाइंड इदरीस नट है, जो बिहार का ही रहने वाला है। इदरीस नट फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। महनार में हुई डकैती में एक दर्जन से ज्यादा अपराधी शामिल थे, जिन्होंने दीवार फांदकर घर में प्रवेश किया था। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई थी, जिसके आधार पर पुलिस अपराधियों की पहचान करने में सफल रही। इस गिरोह में कुछ ऐसे अपराधी भी शामिल हैं जो नेपाल के जेन-जी आंदोलन के दौरान वहां से भागकर भारत आए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डकैत जयराम पासवान कितने सालों से फरार था?
जयराम पासवान 1998 से करीब 28 सालों तक पुलिस को चकमा दे रहा था और पहली बार पुलिस की पकड़ में आया है।
जयराम पासवान डकैती करने के बाद कहां छिपता था?
पुलिस के अनुसार, जयराम पासवान हर बड़ी डकैती या अपराध को अंजाम देने के बाद मलेशिया भाग जाता था और लंबे समय तक वहीं रहता था।
महनार डकैती की साजिश कहां रची गई थी?
इस अंतरराष्ट्रीय गैंग ने डकैती की पूरी साजिश बिहार के बेतिया में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान रची थी।