Bihar: समस्तीपुर के रहने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचा दिया है। उन्होंने न केवल IPL 2026 में ऑरेंज कैप जीती, बल्कि टीम इंडिया के सबसे युवा खिलाड़ी बनकर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी तोड़
Bihar: समस्तीपुर के रहने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचा दिया है। उन्होंने न केवल IPL 2026 में ऑरेंज कैप जीती, बल्कि टीम इंडिया के सबसे युवा खिलाड़ी बनकर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। वैभव की इस बड़ी कामयाबी के पीछे उनके पिता संजीव सूर्यवंशी का बहुत बड़ा त्याग है, जिन्होंने अपने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन तक बेच दी।
वैभव की सफलता और पिता का संघर्ष
संजीव सूर्यवंशी ने वैभव की प्रतिभा को पहचाना और उनके क्रिकेट प्रशिक्षण के लिए अपनी खेती की जमीन बेच दी। इस पैसे से उन्होंने कोचिंग, किट और यात्रा का खर्च उठाया। वैभव को ट्रेनिंग के लिए समस्तीपुर से पटना तक 90 किलोमीटर ले जाने के लिए संजीव ने कार भी खरीदी और खुद खेती का काम छोड़कर बेटे के करियर पर ध्यान दिया। उन्होंने घर के पास ही प्रैक्टिस के लिए खास सुविधाएं भी बनवाईं।
मां का साथ और मैदान पर रिकॉर्ड्स
वैभव की मां आरती सूर्यवंशी ने भी इस सफर में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने चार साल तक रोज सुबह 4 बजे उठकर वैभव का खाना बनाया और उनकी दिनचर्या संभाली। मैदान पर वैभव ने कमाल कर दिया है। IPL 2026 में उन्होंने 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए और 72 छक्के लगाकर क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वह पुरुष T20 में सबसे कम उम्र के शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बने हैं।
BCCI का चयन और पिता की प्रतिक्रिया
BCCI के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा कि वैभव ने अपने प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में जगह बनाई है। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ T20 सीरीज के लिए चुना गया है। पिता संजीव सूर्यवंशी का कहना है कि उन्हें जमीन बेचने का कोई दुख नहीं है। उनके लिए वैभव को मिलने वाला सम्मान और पहचान दुनिया की किसी भी दौलत और जमीन से कहीं बढ़कर है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट में कौन से बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं?
वैभव ने IPL 2026 में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप जीती और 72 छक्कों के साथ क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा। वह भारतीय राष्ट्रीय टीम में चुने जाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं।
वैभव के पिता ने उनके करियर के लिए क्या किया?
संजीव सूर्यवंशी ने बेटे की ट्रेनिंग और सुविधाओं के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन बेची और उन्हें समस्तीपुर से पटना तक अभ्यास के लिए ले गए।