Bihar के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में गिरावट, सुधार के लिए सरकार खोलेगी 534 ब्लॉकों में डिग्री कॉलेज

Bihar: राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कई सालों से बिहार के राज्य विश्वविद्यालय टॉप रैंकिंग में जगह बनाने में नाकाम रहे हैं। हालांकि, अब राज्य सरकार इस स्

Bihar: राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कई सालों से बिहार के राज्य विश्वविद्यालय टॉप रैंकिंग में जगह बनाने में नाकाम रहे हैं। हालांकि, अब राज्य सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई नई योजनाएं लागू की जा रही हैं।

रैंकिंग की बात करें तो NIRF 2026 की शुरुआती जानकारी के अनुसार IIT Patna इंजीनियरिंग कॉलेजों की लिस्ट में 33वें स्थान पर है और Central University of South Bihar 94वें नंबर पर है। वहीं Bihar Agricultural University को 2025 में 36वीं रैंक मिली थी। अन्य रैंकिंग्स में Indian Institute of Technology Patna को uniRank में 50वां स्थान मिला है, जबकि Babasaheb Bhimrao Ambedkar Bihar University EduRank 2026 में भारत में 174वें स्थान पर है।

NAAC रैंकिंग की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है। अप्रैल 2026 तक राज्य के 892 कॉलेजों में से सिर्फ 88 और 15 विश्वविद्यालयों में से केवल 3 को ही रैंकिंग मिली है। इन सबके बीच Patna Women’s College बिहार का इकलौता कॉलेज है जिसे A++ NAAC रैंकिंग मिली है। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अब सभी संस्थानों को रैंकिंग हासिल करने का निर्देश दिया है।

शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फरवरी 2026 में राज्य के सभी 534 ब्लॉकों में एक डिग्री कॉलेज खोलने का ऐलान किया है। इसका मुख्य मकसद लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा को आसान बनाना है और जुलाई 2026 तक 213 ब्लॉकों में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। साथ ही ‘उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य’ योजना के तहत 2030 तक 55 कॉलेजों को ‘उत्कृष्टता केंद्र’ बनाया जाएगा, जिसके लिए 2026-27 में 320 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के लिए 2026-27 के बजट में 8,012 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। नामांकन बढ़ाने के लिए जून 2026 में मधुबनी, सिवान, नवादा, पटना और औरंगाबाद में पांच नए निजी विश्वविद्यालयों की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, पटना के पास 547 करोड़ रुपये की लागत से एक ‘Education City’ बनाने का प्रस्ताव है।

संस्थानों के आधुनिकरण के लिए PM-USHA कार्यक्रम के तहत अनुदान भी दिया गया है। Patna University और LN Mithila University को 100-100 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि BN Mandal University, Jai Prakash University और Nalanda Open University को 20-20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। राज्यपाल सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में नए विश्वविद्यालय कानून और डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘समर्थ’ को लागू करने पर भी चर्चा हुई है।