Bihar: राज्य के विश्वविद्यालयों के कामकाज को लेकर राजभवन ने बहुत सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब कार्यवाहक कुलपति (Officiating VCs) अपनी मर्जी से कोई भी बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले पाएंगे। राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा ने सभी
Bihar: राज्य के विश्वविद्यालयों के कामकाज को लेकर राजभवन ने बहुत सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब कार्यवाहक कुलपति (Officiating VCs) अपनी मर्जी से कोई भी बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले पाएंगे। राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा ने सभी कुलपतियों को पत्र भेजकर साफ कर दिया है कि कार्यवाहक कुलपति सिर्फ रोजमर्रा के प्रशासनिक काम ही देख सकते हैं।
कार्यवाहक कुलपतियों पर क्या-क्या पाबंदियां लगी हैं?
नए नियमों के मुताबिक, कार्यवाहक कुलपति अब सिलेक्शन कमेटी, प्रमोशन कमेटी, सीनेट, सिंडिकेट या एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग नहीं बुला सकते और न ही उनकी अध्यक्षता कर सकते हैं। इसके अलावा, वे किसी भी नए पद की नियुक्ति, भर्ती प्रक्रिया शुरू करने या टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के ट्रांसफर और पोस्टिंग का फैसला नहीं ले पाएंगे। वित्तीय मामलों, नए निर्माण कार्य और नए टेंडर जारी करने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
क्या किसी स्थिति में फैसला लिया जा सकता है?
अगर कार्यवाहक कुलपति को लगता है कि यूनिवर्सिटी के हित में कोई नीतिगत फैसला लेना बहुत जरूरी है, तो उन्हें पहले कुलाधिपति (Chancellor) से मंजूरी लेनी होगी। बिना अनुमति के कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाया जाएगा जिसका असर लंबे समय तक यूनिवर्सिटी के प्रशासन या पॉलिसी पर पड़े।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने हाल ही में यूनिवर्सिटीज को बेहतर बनाने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की थीं। इसमें परफॉरमेंस के आधार पर ग्रेडिंग, रिसर्च को बढ़ावा देने और डिजिटल सिस्टम लागू करने पर जोर दिया गया है। साथ ही, सभी सरकारी और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज को UGC के नियमों का पालन करना होगा और फैकल्टी, फीस और एग्जाम शेड्यूल की जानकारी पब्लिक करनी होगी। नियमित कुलपतियों की नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी का काम भी तेज कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कार्यवाहक कुलपति अब कौन से काम कर सकते हैं?
कार्यवाहक कुलपति अब केवल रूटीन प्रशासनिक कार्यों (Routine Administrative Tasks) को संभाल सकते हैं। वे कोई भी ऐसा फैसला नहीं ले सकते जिससे यूनिवर्सिटी की पॉलिसी बदले या वित्तीय प्रभाव पड़े।
क्या कार्यवाहक कुलपति नई भर्तियां कर सकते हैं?
नहीं, नए निर्देशों के अनुसार कार्यवाहक कुलपति किसी भी नई नियुक्ति, भर्ती प्रक्रिया या स्टाफ के ट्रांसफर और पोस्टिंग का निर्णय नहीं ले सकते।