Bihar : राज्य के विश्वविद्यालयों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्रों के लिए चलने वाले यूजीसी नेट करियर गाइडेंस सेंटर में नए नामांकन पर रोक लगा दी गई है। बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास
Bihar : राज्य के विश्वविद्यालयों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्रों के लिए चलने वाले यूजीसी नेट करियर गाइडेंस सेंटर में नए नामांकन पर रोक लगा दी गई है। बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम ने इस संबंध में सात विश्वविद्यालयों को आधिकारिक पत्र भेजा है। इस फैसले से उन हजारों छात्रों की उम्मीदें टूट गई हैं जो मुफ्त कोचिंग के जरिए नेट परीक्षा की तैयारी करना चाहते थे।
किन विश्वविद्यालयों पर लगा असर और क्या है नियम
निगम के निदेशक ने पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, तिलका मांझी विश्वविद्यालय (भागलपुर), मधेपुरा विश्वविद्यालय और बिहार विश्वविद्यालय (मुजफ्फरपुर) को यह निर्देश दिया है। पत्र में साफ कहा गया है कि अगर कोई विश्वविद्यालय विभाग की अनुमति के बिना इस सत्र में दाखिला लेता है, तो उसका पूरा खर्च विश्वविद्यालय को ही उठाना होगा।
क्या था इस योजना का मकसद और अब तक की सफलता
इन करियर गाइडेंस सेंटरों की शुरुआत साल 2022 में की गई थी ताकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को छह महीने की मुफ्त ट्रेनिंग मिल सके। हर सत्र में 120 छात्रों को मौका दिया जाता था और अब तक 42 छात्र यहां से तैयारी कर यूजीसी नेट परीक्षा पास कर चुके हैं। वर्तमान में पटना विश्वविद्यालय में 240 छात्र नामांकित हैं, जिनमें से आधे का कोर्स जून में खत्म हो जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला और क्या है वित्तीय स्थिति
विभाग इन केंद्रों के संचालन के लिए एक सत्र में लगभग 10 लाख रुपये खर्च करता है। दाखिलों पर रोक लगाने से पहले विभाग ने इन केंद्रों का ऑडिट भी कराया है। पटना विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट विभाग को भेज दी है, जिसके बाद यह आदेश जारी हुआ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किन छात्रों के लिए नेट की फ्री तैयारी बंद हुई है?
यह सुविधा बिहार के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्रों के लिए थी, जिसमें अब नए दाखिलों पर रोक लगा दी गई है।
कितने विश्वविद्यालयों में ये सेंटर चल रहे थे?
राज्य के सात विश्वविद्यालयों में ये सेंटर संचालित थे, जिनमें पटना, मगध और मुजफ्फरपुर यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान शामिल हैं।