Bihar: बिहार में अब अपनी गाड़ी पर जाति का नाम लिखना महंगा पड़ने वाला है. परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर किसी ने गाड़ी पर जातिसूचक शब्द या स्टीकर लगाया, तो उस पर 2000 रुपये का जुर्माना लगेगा. इसके साथ ही पूरे राज्य
Bihar: बिहार में अब अपनी गाड़ी पर जाति का नाम लिखना महंगा पड़ने वाला है. परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर किसी ने गाड़ी पर जातिसूचक शब्द या स्टीकर लगाया, तो उस पर 2000 रुपये का जुर्माना लगेगा. इसके साथ ही पूरे राज्य में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए एआई कैमरों वाला नया सिस्टम भी शुरू किया जा रहा है जिससे सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की निगरानी और भी सख्त हो जाएगी.
गाड़ी से हटाने होंगे जाति वाले स्टीकर, नहीं तो होगी कानूनी कार्रवाई
बिहार परिवहन विभाग के नए आदेश के मुताबिक, अब वाहनों पर किसी भी तरह का जातिसूचक शब्द या स्लोगन नहीं लिखा जा सकता. कैमूर जिला प्रशासन ने इस पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है और वाहन मालिकों को आदेश जारी होने के 30 दिनों के भीतर अपनी गाड़ियों से ऐसे शब्द या स्लोगन हटाने का निर्देश दिया है. मुजफ्फरपुर में भी मई 2026 से इसके खिलाफ बड़ा अभियान शुरू होगा और वाहन मालिकों को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से नोटिस भी भेजे गए हैं. जो लोग नियम नहीं मानेंगे, उन पर मोटरयान अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
राज्य के 700 चौराहों पर लगेंगे AI कैमरे, ऑटोमैटिक कटेगा चालान
सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए बिहार सरकार Intelligent Traffic Management System (ITMS) लागू कर रही है. यह सिस्टम राज्य के करीब 500 से 700 रिस्क वाले चौराहों और रास्तों पर लगाया जाएगा. इसमें Artificial Intelligence (AI) और Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरों का इस्तेमाल होगा. इससे बिना किसी पुलिसकर्मी के हस्तक्षेप के तेज रफ्तार गाड़ियों और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का ई-चालान सीधे उनके घर पहुंच जाएगा. परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने बताया कि इस सिस्टम से सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी और यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
गाड़ी पर जाति का नाम लिखने पर कितना जुर्माना लगेगा?
बिहार परिवहन विभाग के नए सख्त आदेश के अनुसार, वाहन पर जातिसूचक शब्द या स्टीकर लगाने पर पकड़े जाने पर 2000 रुपये का जुर्माना देना होगा.
पुराने स्टीकर हटाने के लिए कितना समय दिया गया है?
कैमूर जैसे जिलों में प्रशासन ने वाहन मालिकों को 30 दिनों का समय दिया है, जिसके बाद परिवहन विभाग और पुलिस द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा.
बिहार में ITMS सिस्टम क्या है?
यह एआई कैमरों से लैस एक इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम है, जो राज्य के प्रमुख चौराहों पर लगेगा और ऑटोमैटिक तरीके से ट्रैफिक नियमों की निगरानी और चालान काटने का काम करेगा.