Bihar में ट्रैफिक नियमों में बड़ा बदलाव, अब सिपाही नहीं रोकेंगे आपकी गाड़ी; घायलों को मिलेगा 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज

Bihar : राज्य में यातायात व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने कई बड़े फैसले लिए हैं। अब सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को राहत मिलेगी क्योंकि ट्रैफिक सिपाही अब गाड़ियां नहीं रोकेंगे। केवल दरोगा या उनसे ऊपर

Bihar : राज्य में यातायात व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने कई बड़े फैसले लिए हैं। अब सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को राहत मिलेगी क्योंकि ट्रैफिक सिपाही अब गाड़ियां नहीं रोकेंगे। केवल दरोगा या उनसे ऊपर के अधिकारी ही जांच करेंगे और कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही सड़क दुर्घटना में घायलों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा भी शुरू की गई है।

बिहार पुलिस के एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने स्पष्ट किया है कि दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) से नीचे के रैंक के पुलिसकर्मी किसी भी स्थिति में वाहनों को रोककर चेकिंग नहीं करेंगे। सिपाही का मुख्य काम अब केवल सड़क पर जाम को हटाना और ट्रैफिक को नियंत्रित करना होगा। यह नियम पहले फरवरी 2026 में भी लागू किया गया था कि अवर निरीक्षक से नीचे के अधिकारी चालान नहीं काट सकेंगे।

पटना शहर में ट्रैफिक चालान की प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। अब अगर किसी वाहन ने एक ही तरह का नियम तोड़ा है, तो पूरे दिन में केवल एक बार ही चालान काटा जाएगा। इससे लोगों को बार-बार जुर्माना भरने की परेशानी नहीं होगी। साथ ही, पटना में एकीकृत ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को लागू करने की तैयारी है, जिससे सीसीटीवी कैमरों के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जाएगी।

सड़क दुर्घटनाओं को लेकर सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब घायलों को निर्धारित अस्पतालों में 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा, जो दुर्घटना की तारीख से सात दिनों तक मान्य होगा। इसके अलावा, घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को 25,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।

विषय नया नियम/सुविधा
वाहन चेकिंग केवल दरोगा या उच्च अधिकारी करेंगे, सिपाही नहीं
कैशलेस इलाज दुर्घटना घायलों को 1.5 लाख रुपये तक की सुविधा
मददगार इनाम घायल को अस्पताल पहुंचाने पर 25,000 रुपये
पटना चालान एक दिन में एक ही प्रकार के उल्लंघन का एक ही चालान
शिकायत माध्यम व्हाट्सएप नंबर 9153971897 और ईमेल उपलब्ध
महिला आरक्षण ट्रैफिक बल में 33% सीटें महिला पुलिसकर्मियों के लिए

ट्रैफिक पुलिस में तैनाती के लिए उम्र के नए मानक भी तय किए गए हैं। अब 35 वर्ष से अधिक उम्र के सिपाहियों को यातायात ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा। इसके अलावा, किसी भी पुलिसकर्मी की तैनाती उनके गृह जिले में नहीं की जाएगी। पटना में मेट्रो निर्माण के कारण आयकर गोलंबर से डुमरा चौकी तक व्यावसायिक वाहनों जैसे ऑटो और ई-रिक्शा की नो-एंट्री रहेगी, हालांकि निजी वाहन दो लेन का उपयोग कर सकेंगे।