Bihar में अब स्थाई लोक अदालत में होगा ट्रैफिक चालान का निपटारा, पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद जारी हुआ निर्देश
Bihar: बिहार में ट्रैफिक चालान के मामलों से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (BSLSA) ने निर्देश दिया है कि अब समझौता योग्य ट्रैफिक चालानों की सुनवाई स्थाई लोक अदालतों में की जाएगी। यह
Bihar: बिहार में ट्रैफिक चालान के मामलों से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (BSLSA) ने निर्देश दिया है कि अब समझौता योग्य ट्रैफिक चालानों की सुनवाई स्थाई लोक अदालतों में की जाएगी। यह फैसला पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है ताकि लंबे समय से लंबित चालानों का जल्द से जल्द निपटारा हो सके।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य आम जनता को अदालतों के चक्कर काटने से बचाना और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों को तेजी से सुलझाना है। पटना में इसकी व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। भभुआ में मिली जानकारी के मुताबिक, स्थाई लोक अदालत में चालान निपटारे के लिए किसी भी तरह की कोर्ट फीस नहीं ली जाएगी, जिससे यह प्रक्रिया गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए काफी सस्ती और आसान हो जाएगी।
स्थाई लोक अदालत की बैठकें हर हफ्ते सोमवार, मंगलवार और शुक्रवार को आयोजित की जाएंगी। पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ओडिशा की तर्ज पर एक अधिसूचना जारी करने को कहा है, जिसमें जुर्माने की न्यूनतम राशि और निपटारा करने वाले अधिकारियों की प्रक्रिया स्पष्ट होगी। इससे पहले मई 2026 में राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान लोगों को चालान राशि पर करीब 50% तक की छूट भी दी गई थी।
हालांकि, यह सुविधा सभी तरह के चालानों के लिए नहीं होगी। लोक अदालत में केवल छोटे और समझौता योग्य मामले ही सुने जाएंगे, जैसे:
- बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाना
- तेज रफ्तार में गाड़ी चलाना
- ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना
- नंबर प्लेट की समस्या
- प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) न होना
यह साफ कर दिया गया है कि शराब पीकर गाड़ी चलाने या हिट एंड रन जैसे गंभीर अपराधों के मामले लोक अदालत में नहीं सुने जाएंगे। लोक अदालत में होने वाला फैसला आपसी सहमति पर आधारित होता है और यह अंतिम होता है, जिसके खिलाफ कहीं और अपील नहीं की जा सकती।