Bihar के ठकराहा में वार्ड सदस्य और होमगार्ड दोनों पदों पर एक ही व्यक्ति, दो सरकारी मानदेय मिलने पर विवाद
Bihar: ठकराहा प्रखंड की मोतीपुर पंचायत के उमटोला वार्ड संख्या-07 में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहाँ के निर्वाचित वार्ड सदस्य धर्मराज यादव पर आरोप लगा है कि वे एक साथ दो सरकारी पदों पर बने हुए हैं। चर्चा है कि वे वार्
Bihar: ठकराहा प्रखंड की मोतीपुर पंचायत के उमटोला वार्ड संख्या-07 में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहाँ के निर्वाचित वार्ड सदस्य धर्मराज यादव पर आरोप लगा है कि वे एक साथ दो सरकारी पदों पर बने हुए हैं। चर्चा है कि वे वार्ड सदस्य होने के साथ-साथ बिहार होमगार्ड में भी कार्यरत हैं और दोनों जगहों से सरकारी मानदेय ले रहे हैं।
नियमों के मुताबिक भारत में कोई भी व्यक्ति एक साथ दो सरकारी वेतनभोगी पदों पर नहीं रह सकता। अगर ऐसा होता है तो इसे सेवा शर्तों का उल्लंघन माना जाता है और संबंधित व्यक्ति की नौकरी जा सकती है। बिहार सरकार ने पहले भी स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों को करियर में आगे बढ़ने के लिए एनओसी (NOC) की जरूरत होती है और कई मामलों में इस्तीफा देना अनिवार्य होता है।
बिहार होमगार्ड्स एक्ट 1947 और नियमों के तहत होमगार्ड्स की नियुक्ति और सेवा शर्तें तय हैं। हाल ही में 1 जुलाई 2025 को राज्य सरकार ने होमगार्ड्स के मानदेय में बढ़ोतरी की थी, जिससे उनकी दैनिक ड्यूटी राशि 774 रुपये से बढ़कर 1,121 रुपये हो गई। इस हिसाब से अब ड्यूटी के आधार पर मासिक वेतन 28,000 से 30,000 रुपये तक हो सकता है।
इस तरह के मामलों में कानूनी कार्रवाई की मिसालें भी सामने आई हैं। 22 जुलाई 2025 को पटना की एक स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने इंडिया पोस्ट के एक अकाउंटेंट को दो साल की कड़ी कैद और जुर्माना सुनाया था। उस व्यक्ति ने अलग-अलग नामों से दो सरकारी विभागों से वेतन लिया था, जिसे कोर्ट ने धोखाधड़ी माना था।