Bihar में शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए नई गाइडलाइन जारी, 5 साल की बाध्यता खत्म, अब ऑनलाइन होगा आवेदन

Bihar: बिहार के सरकारी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण (ट्रांसफर) के लिए नई एसओपी (SOP) जारी कर दी है। अब शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए 5 साल तक इंतजार करने की जरूरत नहीं

Bihar: बिहार के सरकारी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण (ट्रांसफर) के लिए नई एसओपी (SOP) जारी कर दी है। अब शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए 5 साल तक इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि इस बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे 100% ऑनलाइन रखा गया है।

बिहार कैबिनेट ने 24 जून 2026 को इस नीति को मंजूरी दी थी, जिसके बाद विभाग ने 21 जुलाई 2026 को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। अब सरकारी स्कूल के शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और प्रिंसिपलों को अपने आवेदन ‘ई-शिक्षाकोष’ (e-Shikshakosh) पोर्टल के जरिए ही जमा करने होंगे। पहले जारी किए गए सभी पुराने दिशा-निर्देश और आवेदन अब रद्द कर दिए गए हैं।

ट्रांसफर की यह प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी होगी। सबसे पहले एडजस्टमेंट और रेशनलाइजेशन का काम होगा, उसके बाद म्यूचुअल ट्रांसफर और अंत में खाली पदों के आधार पर जनरल ट्रांसफर किए जाएंगे। शिक्षक अपनी पसंद के 30 स्कूलों का विकल्प चुन सकते हैं। अगर कोई शिक्षक दूसरे जिले या प्रमंडल में जाना चाहता है, तो वह 5 जिलों या प्रमंडलों का चुनाव कर सकता है।

महत्वपूर्ण तारीखें समय सीमा
ऑनलाइन पोर्टल खुलने की तारीख 29 जुलाई 2026
पहला चरण (एडजस्टमेंट और रेशनलाइजेशन) 7 अगस्त से 9 सितंबर 2026
म्यूचुअल ट्रांसफर का निपटारा 10 सितंबर से 14 सितंबर 2026
संशोधित रिक्ति सूची का प्रकाशन 16 सितंबर 2026
जनरल ट्रांसफर के आवेदन 17 सितंबर से 23 सितंबर 2026
पूरी प्रक्रिया के पूरा होने की तिथि 31 अक्टूबर 2026

विभाग ने विशेष परिस्थितियों वाले शिक्षकों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। गंभीर बीमारी, दिव्यांगता या लाइलाज बीमारी से जूझ रहे शिक्षकों, विधवा, तलाकशुदा या सिंगल महिला शिक्षकों और पति-पत्नी दोनों के शिक्षक होने पर उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। मेडिकल बोर्ड इन प्रमाणपत्रों की जांच करेगा। महिला शिक्षकों को कोशिश की जाएगी कि उनके गृह ब्लॉक और जिले के पास की पंचायतों में ही तैनाती हो।

नियमों के मुताबिक, जो शिक्षक अभी प्रोबेशन पीरियड में हैं, वे ट्रांसफर के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। वहीं, 31 मार्च 2026 तक जिनकी उम्र 58 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, उन्हें उनकी इच्छा के बिना जबरन ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। पुरुष शिक्षकों को उनके गृह जिले के आसपास के ब्लॉकों में ट्रांसफर मिल सकता है, लेकिन उनके अपने गृह ब्लॉक को इसमें शामिल नहीं किया गया है।