Bihar के सुपौल में मिथिलेश यादव ने मृत्युभोज का किया बहिष्कार, पिता की याद में समाज को दी नि:शुल्क एम्बुलेंस

Bihar/Supaul: सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड की रामनगर पंचायत में एक व्यक्ति ने पुरानी परंपराओं को तोड़कर समाज के लिए मिसाल पेश की है। मिथिलेश कुमार यादव ने अपने दिवंगत पिता त्रिवेणी यादव की याद में पारंपरिक मृत्युभोज का आयो

Bihar/Supaul: सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड की रामनगर पंचायत में एक व्यक्ति ने पुरानी परंपराओं को तोड़कर समाज के लिए मिसाल पेश की है। मिथिलेश कुमार यादव ने अपने दिवंगत पिता त्रिवेणी यादव की याद में पारंपरिक मृत्युभोज का आयोजन नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने उस पैसे से एक नि:शुल्क एम्बुलेंस खरीदी और उसे आम लोगों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

यह पहल 21 जुलाई 2026 को रामनगर पंचायत के कोशली पट्टी वार्ड संख्या 11 में हुई। मिथिलेश कुमार यादव ने बताया कि मृत्युभोज जैसे अनावश्यक खर्चों से बेहतर है कि वह पैसा किसी ऐसे काम में लगाया जाए जिससे लोगों की जान बच सके। यह एम्बुलेंस मुख्य रूप से सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों और प्रसूता महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुँचाने के काम आएगी, ताकि ग्रामीण इलाकों में इलाज में देरी न हो।

इस नेक काम की ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने काफी सराहना की है। लोगों ने इसे सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम बताया और दूसरों से भी अपील की कि वे मृत्युभोज जैसे खर्चीले रिवाजों को छोड़कर जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दें। मिथिलेश ने यह भी साझा किया कि उनके इस फैसले का कुछ लोगों ने विरोध भी किया था, लेकिन उन्होंने जनसेवा के अपने संकल्प को नहीं बदला।

गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में अब मृत्युभोज को एक सामाजिक बुराई माना जा रहा है क्योंकि इससे शोक संतप्त परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। राजस्थान में तो इस संबंध में कानून भी है, जिसके तहत मृत्युभोज का आयोजन करना दंडनीय अपराध है। बिहार और उत्तर प्रदेश के कई गांवों में भी अब लोग सामूहिक रूप से इस प्रथा का बहिष्कार कर रहे हैं।