Bihar: सुपौल पुलिस ने एक ऐसे बड़े गिरोह को पकड़ा है जो आधार सेंटर और एक खास वेबसाइट के जरिए फर्जी सरकारी दस्तावेज बना रहा था। यह गिरोह नकली आधार और पैन कार्ड बनाकर लोगों को ठगने का काम कर रहा था। पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस.
Bihar: सुपौल पुलिस ने एक ऐसे बड़े गिरोह को पकड़ा है जो आधार सेंटर और एक खास वेबसाइट के जरिए फर्जी सरकारी दस्तावेज बना रहा था। यह गिरोह नकली आधार और पैन कार्ड बनाकर लोगों को ठगने का काम कर रहा था। पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. के निर्देश पर चलाए गए स्पेशल अभियान के बाद इस पूरे खेल का खुलासा हुआ है।
कैसे काम करता था यह फर्जी गिरोह?
पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह एक वेबसाइट के जरिए फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र तैयार करता था। इसके बाद इन नकली कागजों का इस्तेमाल करके ईसीएमपी आधार सॉफ्टवेयर को बायपास किया जाता था, जिससे अवैध तरीके से आधार कार्ड बन जाते थे। हैरानी की बात यह है कि इस वेबसाइट पर देश के अलग-अलग राज्यों से 1250 से ज्यादा यूजर अकाउंट चल रहे थे।
कौन हुए गिरफ्तार और क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बाबुल कुमार गुप्ता, मुकेश पासवान और इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पप्पू कुमार शामिल है। पप्पू कुमार को सारण जिले से पकड़ा गया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और फर्जी कागजात जब्त किए हैं:
| सामान का नाम |
संख्या |
| लैपटॉप |
6 |
| फिंगरप्रिंट स्कैनर |
4 |
| आइरिस स्कैनर |
4 |
| जीपीएस डिवाइस |
2 |
| कैमरा |
3 |
| मोबाइल फोन |
8 |
| सिम कार्ड |
50 |
पुलिस ने हजारों की संख्या में फर्जी जन्म और आवासीय प्रमाण पत्र भी बरामद किए हैं। तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और साइबर थाना सुपौल में मामला दर्ज कर लिया गया है।
आम जनता के लिए पुलिस की सलाह
सुपौल पुलिस ने लोगों को सावधान किया है कि वे अपना आधार या पैन कार्ड बनवाने के लिए केवल सरकारी या अधिकृत केंद्रों पर ही जाएं। किसी भी अनजान या प्राइवेट सेंटर पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें, क्योंकि इससे आपके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल हो सकता है।