Bihar में कछुए पर सवार महाकाल वाली अनोखी कांवड़, पर्यावरण बचाने का दे रही संदेश

Sultanganj/Bhagalpur: सावन के महीने में सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। यहाँ पटना के मछुआटोली के मल्लाह काँवरिया संघ के सदस्य एक बहुत ही खास कांवड़ लेकर देवघर की ओर बढ़ रहे हैं। इस कां

Sultanganj/Bhagalpur: सावन के महीने में सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। यहाँ पटना के मछुआटोली के मल्लाह काँवरिया संघ के सदस्य एक बहुत ही खास कांवड़ लेकर देवघर की ओर बढ़ रहे हैं। इस कांवड़ में महाकाल कछुए पर विराजमान हैं और इसे कई तरह के जीव-जंतुओं से सजाया गया है, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

यह अनोखी कांवड़ केवल भक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए पर्यावरण और जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। 13 अगस्त 2026 को यह कांवड़ यात्रा सुर्खियों में रही। इसके अलावा पटना सिटी के मारूफगंज से 54 फीट ऊंची एक अन्य प्रसिद्ध कांवड़ भी 3 अगस्त को रवाना हुई थी, जिसका आयोजन श्री श्री विशाल शिवधारी कांवड़ संघ द्वारा किया गया था।

कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। 13 अगस्त को सावन के तीसरे सोमवार के मौके पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया और हाईवे पर भारी वाहनों का संचालन बंद कर उन्हें दूसरे रास्तों पर भेजा गया। एसएसपी और अलंकृता पांडे समेत कई अधिकारियों ने भीड़ प्रबंधन और रास्तों का जायजा लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने पेयजल, चिकित्सा और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए थे।

श्रद्धा और सम्मान के तौर पर 12 अगस्त 2026 को सुल्तानगंज में कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। भक्त सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर पैदल यात्रा करते हुए देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर जा रहे हैं।