Bihar: राज्य के गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर आई है। 2025-26 पेराई सीजन के बकाया भुगतान में चीनी मिलों ने बड़ी रफ़्तार पकड़ी है और अब तक 96 प्रतिशत भुगतान पूरा हो चुका है। बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग की निगरानी की
Bihar: राज्य के गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर आई है। 2025-26 पेराई सीजन के बकाया भुगतान में चीनी मिलों ने बड़ी रफ़्तार पकड़ी है और अब तक 96 प्रतिशत भुगतान पूरा हो चुका है। बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग की निगरानी की वजह से किसानों के बैंक खातों में भारी रकम जमा हुई है।
कितना पैसा मिला और क्या है वर्तमान स्थिति
गन्ना उद्योग विभाग के मुताबिक, किसानों को कुल 2137.83 करोड़ रुपये दिए जाने थे, जिसमें से 2054.01 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। 9 अप्रैल 2026 तक राज्य की 10 चीनी मिलों ने कुल 572.66 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा था। ईख आयुक्त ने बताया कि विभाग की सख्ती और मिल संचालकों की तत्परता से यह भुगतान संभव हो पाया है। बाकी बचे 4 प्रतिशत पैसे का भुगतान भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
किसानों के लिए अन्य सरकारी योजनाएं और लाभ
सरकार खेती को आधुनिक बनाने के लिए गन्ना उत्पादक जिलों में Custom Hiring Centres (CHCs) बना रही है, जिससे छोटे किसानों का खर्च कम होगा। इसके अलावा, बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2026 के तहत गन्ने जैसी बारहमासी फसलों के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी दी जा रही है, जो अधिकतम दो हेक्टेयर तक मिलेगी।
गन्ने की कीमत और भविष्य की नीतियां
जनवरी 2026 में किसानों ने गन्ने की कीमत 400 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। सरकार ने कीमतों में 15-20 रुपये की बढ़ोतरी की, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले गन्ने की कीमत लगभग 380 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंची। अब राज्य सरकार चीनी उद्योग के लिए 2026 की एक नई प्रोत्साहन नीति लाने वाली है, जिससे किसानों की कमाई बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।