Bihar में छात्र आंदोलन के बाद पुलिसिया कार्रवाई पर बवाल, सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने उठाया हिरासत में
Bihar: पटना में 22 और 25 जुलाई को हुए छात्र आंदोलनों की गूंज अब भी सुनाई दे रही है। हालांकि प्रदर्शन खत्म हो चुके हैं, लेकिन छात्रों ने पुलिसिया कार्रवाई के गंभीर आरोप लगाए हैं। AISA की प्रदेश उपाध्यक्ष सबा आफरीन ने अपने
Bihar: पटना में 22 और 25 जुलाई को हुए छात्र आंदोलनों की गूंज अब भी सुनाई दे रही है। हालांकि प्रदर्शन खत्म हो चुके हैं, लेकिन छात्रों ने पुलिसिया कार्रवाई के गंभीर आरोप लगाए हैं। AISA की प्रदेश उपाध्यक्ष सबा आफरीन ने अपने साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे सादे कपड़ों में आई पुलिस ने उन्हें और उनके साथियों को अचानक उठा लिया था।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब छात्र गांधी मैदान और इनकम टैक्स सर्कल के पास मार्च निकाल रहे थे। उनकी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan और बिहार के शिक्षा मंत्री Mithilesh Tiwari के इस्तीफे को लेकर थी। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। AISA कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई, जिसमें वाटर कैनन का प्रयोग किया गया।
24 जुलाई को AISA की प्रदेश उपाध्यक्ष सबा आफरीन और प्रदेश सचिव दीपांकर को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 25 जुलाई को पूरे बिहार में ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया गया था। इस दौरान राज्यभर से 694 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 355 लोग लंबे समय तक हिरासत में रहे।
दूसरी तरफ, बिहार सरकार के गृह विभाग ने 27 जुलाई को एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें कहा गया कि 26 जुलाई की शाम 6 बजे से पहले प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ दर्ज सभी FIR और कानूनी कार्रवाइयां वापस ली जाएंगी। इसके अलावा, गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्द रिहा करने की बात भी कही गई।
पुलिस प्रशासन ने इस मामले में अपनी अलग दलील दी है। पटना SSP ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला किया और वाहनों को नुकसान पहुंचाया। वहीं, सीवान में 25 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस कॉन्स्टेबल द्वारा AK-47 चलाने का मामला सामने आया, जिसके बाद उस कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है।